नारनौल। जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार को लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने करीब 20 मिनट तक मुख्य द्वार के सामने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से ज्ञापन प्राप्त किया।
एसोसिएशन ने सोमवार को सिविल कोर्ट का कामकाज पूरी तरह से बंद रखा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक राजस्व न्यायालयों का वर्क सस्पेंड लगातार जारी रहेगा। इससे पहले जिला पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ अधिवक्ताओं ने बार रूम में बैठक की और ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संतोख सिंह ने बताया कि बीते चार-पांच महीनों में वकीलों के साथ तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अब तक किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं की। इससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को एडवोकेट दिनेश कुमार के साथ उपमंडल अधिकारी (नारनौल) की अदालत के अंदर मारपीट और गाली-गलौच की गई थी। इसकी शिकायत महाबीर चौकी में दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह 24 अप्रैल को एडवोकेट शादीराम के साथ भी रास्ते में तीन युवकों ने मारपीट व छीना-झपटी की थी। इस मामले में भी कार्रवाई लंबित है। प्रधान ने कहा कि महेंद्रगढ़-नारनौल रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के सामने कोर्ट जाने वाले मार्ग पर पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाने की मांग भी कई बार की गई, लेकिन अब तक उस पर भी अमल नहीं हुआ है। इस मौके पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
नांगल चौधरी व अटेली में रखा गया वर्क सस्पेंड
नारनौल बार एसोसिएशन के बैनर तले नांगल चौधरी तहसील परिसर में वकीलों ने पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच चल रहे विवाद को लेकर कामकाज ठप रखा और रोष प्रकट किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम उदयसिंह को ज्ञापन भी सौंपा। इसके कारण सोमवार को तहसील में कामकाज करवाने आए लोग निराश होकर बिना कार्य करवाए ही लौट गए।
नांगल चौधरी के अधिवक्ता धर्मेश जोशी, नवनीत शेहरावत, लक्खीराम यादव, सुरेंद्र, बंटी सैनी, मालाराम, ताराचंद, धौलाराम, मुकेश कुमार, दीपक, विलसन सहित अन्य ने कहा कि नारनौल बार एसोसिएशन का निर्णय सभी पर अंतिम रूप से लागू होता है और इसमें किसी तरह का विवाद स्वीकार्य नहीं है।
वकीलों का आरोप है कि पुलिस उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं कर रही और उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस का रवैया नहीं बदला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं अटेली में भी न्यायिक कार्य प्रभावित रहा।
पहले भी वर्क सस्पेंड कर चुका है एसोसिएशन
एडवोकेट शादीराम के मामले को लेकर पहले भी एक दिन के लिए वर्क सस्पेंड किया जा चुका है। अब फिर से कार्रवाई नहीं होने पर जिला बार एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन किया है। प्रधान ने कहा कि सभी को साथ लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो प्रदेश स्तर तक मामले को लेकर जाएंगे।