त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही बाजारों में चाइनीज डोर बहार आ गई है। चाइनीज डोर की बाजारों में खुलेआम बिक्री की जा रही है। आमजन के साथ पशु-पक्षियों के लिए खतरनाक इस डोर को बेचने वाले के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्ती नहीं किए जाने के कारण बैखोफ होकर डोर को बेच रहे हैं। हर वर्ष इस डोर से अनेेक लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी घायल हो रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन चाइनीज डोर पर रोक लगाने या बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रहा है।
बता दें कि तीज त्योहार के नजदीक आते ही बाजारों में पंतगों का बाजार सज जाता है। इस बार भी त्योहार के नजदीक आते ही पतंगों का बाजार सज गया है। जिसमें दुकानदार हर बार की तरह चाइनीज मांझा (प्लास्टिक डोर) की बिक्री के लिए दुकानों में बैठ गए हैं। यह डोर न केवल आमजन के लिए बल्कि पक्षियों के लिए खूनी डोर साबित हो रही है क्योंकि इस डोर की चपेट में आने से हर वर्ष अनेक पक्षी घायल हो जाते हैं तो अनेक लोगों के हाथों, गर्दन या गालों पर निशान छोड़ जाती है। इसको लेकर लोग अनेक बार प्रशासन से इस डोर पर बैन लगाने की मांग कर चुके है लेकिन प्रशासन ने अभी तक चाइनीज मांझा की बिक्री को लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। यहीं कारण है दुकानदार बेखौफ होकर इसकी बिक्री कर रहे हैं।
चाइनीज डोर हर वर्ष पक्षियों के साथ इंसानों को दे रही हैं घाव
यह चाइनीज डोर हर वर्ष पशु-पक्षियों के साथ इंसानों को भी घाव दे रही हैं। हवा में उड़ते पक्षी चाइनीज डोर की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं तो पतंग कटने के बाद डोर नीचे आने से पशुओं के गले व मुंह में उलझ कर उन्हें भी घायल कर देती है। हर वर्ष सैकड़ों पक्षियों के जीवन डोर इस चाइनीज डोर से कट जाती है।
पक्की डोर के लालच में चाइनीज डोर खरीद रहे युवा
चाइनीज (प्लास्टिक) डोर धागे की डोर के मुकाबले अधिक मजबूत होती है। इसलिए युवा चाइनीज डोर की अधिक खरीद करते हैं। जबकि दुकानदार भी युवाओं को चाइनीज डोर के प्रति आकर्षित करते हैं। अकेले नारनौल शहर में लाखों रुपये की चाइनीज डोर की बिक्री होती है।
चाइनीज डोर पशु-पक्षियों के साथ इंसानों के लिए भी खतरनाक है। हर वर्ष अनेक पशु-पक्षी इस चाइनीज डोर से घायल हो जाते हैं। इसलिए पतंग विक्रेताओं को चाइनीज डोर की बिक्री नहीं करनी चाहिए। प्रशासन को इस डोर पर बैन लगाना चाहिए। -अमित कुमार।
पतंग को चाइनीज डोर के साथ नहीं उड़ानी चाहिए। यह बच्चों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी काफी खरतनाक है। इसलिए सरकार को इस चाइनीज डोर पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाना चाहिए। ताकि हर वर्ष होने वाले हादसों पर रोक लग सके। -सुरेश सैनी।
गत साल चाइनीज डोर से मोहल्ला सलामपुरा में एक बच्चे की हाथ की अंगुली कट गई थी। इस प्रकार की हर वर्ष घटनाएं होती रहती है। इसलिए बाजार में बिकने वाली चाइनीज डोर पर रोक लगानी चाहिए। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। -प्रवीण कुमार।
सरकार को चाइनीज डोर पर रोक लगानी चाहिए। जबकि स्वदेशी धागे की डोर का बढ़ाना देना चाहिए। ताकि हर वर्ष होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके। वहीं जिला प्रशासन को भी चाइनीज डोर की बिक्री करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -नीलू शर्मा।