मोहल्ला रामनगर में एक महिला को ठगों ने उसके घर की छत आइडिया फोर जी कंपनी का टावर लगाने के लिए 70 लाख रुपये एडवांस व 45 हजार रुपये महीना किराया देने का प्रलोभन दिया, लेकिन महिला ने शक होने पर फोन की रिकार्डिंग साइबर सेल में भेज दी। साइबर सेल ने मामले की जांच की तो वह फर्जी निकली। जिससे महिला ठगी से बची
पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि रामनगर कालोनी की महिला ने शुक्रवार को बताया कि उसके मोबाइल पर संदेश आया कि आपके प्लाट में आइडिया कंपनी का टावर लगवाना चाहती हैं क्या आपके मोहल्ले में टावर लगाना हैं। महिला ने संदेश का जवाब हां में दिया तब महिला के पास कोल आया कि आप अपनी आईडी व कितने गज का प्लाट हैं पूरी जानकारी हमें व्हाट्स एप पर भेजें। महिला ने अपनी आईडी व प्लाट के कागजात की फोटो व्हाट्स एप कर दी। शनिवार सुबह इन ठगों का महिला के मोबाइल पर कॉल आया और कहा कि मैं आइडिया कंपनी अधिकारी बोल रहा हूं आपने टावर लगाने की हमें इजाजत दी हैं। कंपनी ने आपके मकान या प्लाट में टावर लगाने की मंजूरी दे दी गई हैं। अब कंपनी की तरफ से आपको बतौर सिक्योरिटी 70 लाख रुपये दिए जाएंगे और 45 हजार महीना किराया दिया जाएगा। एक लड़के को नौकरी दी जाएगी। हमारी कंपनी के वकील आज एग्रीमेंट कोर्ट में तैयार करवाएंगे। वकील की 12500 रुपये की फीस हैं। हमारे द्वारा भेजे जा रहे अकाउंट में डाले और आप कम से कम दो बैंक के काउंट नंबर भी हमें बताये ताकि हम सिक्योरिटी की राशि डाल सके कल तक कंपनी का एग्रीमेंट लेकर आपके घर मोहल्ला रामनगर में कंपनी के अधिकारी आ जाएंगे और काम शुरू कर देंगे। कल से ही आपका किराया शुरू हो जाएगा। महिला ने पूछा आप कहां से बोल रहे हो तो ठग ने कहा कि बेंगलुरु हेड ऑफिस से अशोक कुमार बोल रहा हूं आप जल्दी कीजिये पैसे डालो और अकाउंट नंबर दो। महिला को थोड़ा शक हुआ तो उसने साइबर सेल नारनौल से संपर्क करके बातचीत की रिकॉर्डिंग भेजी। जब साइबर सेल ने इस नंबर की पड़ताल की तो इस नंबर की लोकेशन झारखंड रांची से 200 किलोमीटर दूर किसी गांव की मिली और सिम आईडी भी झूठी मिली। महिला को तुरंत अकाउंट नंबर देने व पैसे डालने से रोका गया वरना ये साइबर ठग कई वर्षों की कमाई पल भर में अकाउंट से साफ कर देते।
किसी प्रकार के लालच में न आएं
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने कहा की ये साइबर ठग बहुत शातिर और चालाक किस्म के अपराधी होते है। लोगों को हर प्रकार का लालच देकर खाता नंबर हासिल करके आपके खाते की रकम को पल भर में साफ कर देते है। ये कभी केबीसी के माध्यम से कभी बैंक कर्मचारी बनकर आपको ठगने के नए नए तरीके अपनाते है। इसलिए आपके व्हाटसएप पर आए लिंक किसी अनजान नंबर से न खोले। एटीएम बूथ पर किसी की सहायता न ले अगर लेनी हैं तो सिक्योरिटी गार्ड या बैंक कर्मचारी से ले।