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Mahendragarh-Narnaul News: सावन के पहले दिन शिव मंदिरों में रही भक्तों की भीड़, पूरे दिन हुआ जलाभिषेक

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फोटो नंबर-04प्राचीन मोड़ावाला मंदिर में जला​भिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
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नारनौल। सावन के पहले दिन वीरवार को शिवभक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान भोलेनाथ के जयघोष के बीच भक्तों ने जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
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श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है। इसी कारण पहले ही दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
शहर के प्राचीन मोड़ावाला शिव मंदिर और छोटा-बड़ा तालाब स्थित शिव मंदिर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर पूरे दिन ''हर-हर महादेव'' और ''बम-बम भोले'' के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन समितियों और पुजारियों ने पेयजल, दर्शन और पूजा की बेहतर व्यवस्था की।
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वहीं, ग्राम पटीकरा-शाहपुर दोयम मार्ग स्थित महंत तेजादास आश्रम में श्रावण मास के पहले दिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। महंत नंदकिशोर दास महाराज ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी ब्रह्ममुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान शुरू किया गया। आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया।
आचार्य ने बताया कि 12 ज्योतिर्लिंगों और विभिन्न तीर्थ स्थलों की पवित्र मिट्टी से प्रतिदिन 2100 पार्थिव शिवलिंग बनाए जाएंगे। इसके बाद गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी और कावेरी सहित कई पवित्र नदियों के जल से रुद्राभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग की पूजा और रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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