मौसेरे भाई ने की थी प्रदीप की हत्या, सात साल बाद मिला कंकाल
झुंझुनू जिले के गांव शिमला निवासी रवित कुमार है आरोपी, रंजिशन दिया वारदात को अंजाम
फोटो संख्या : 43 से 45
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। झुंझुनू जिले के गांव शिमला निवासी रवित कुमार ने आपसी रंजिश के चलते मौसेरे भाई की हत्या की थी। उसका कंकाल सात वर्ष बाद मिला। आरोपी रवित ने रिमांड के दौरान यह बात कबूली। बुधवार को बेवल निवासी प्रदीप का बुधवार को उसके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
प्रदीप बेवल के सरकारी स्कूल में पढ़ता था। वहां के अध्यापक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदीप पढ़ाई में बहुत होशियार था। दरसअल प्रदीप और रवित का घटना से पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस कहासुनी लेकर रवित कुमार के मन में कई दिन से टीस थी। उस टिस को निकालने के लिए रवित ने प्रदीप को 14 अगस्त 2010 अपने घर शिमला बुला लिया था। रात को प्रदीप अपने मौसेरे भाई रवित कुमार के घर गया। रवित उसे गांव से कुछ दूर अपने खेत पर ले गया। वहां सूखे कुएं के निकट बैठ कर दोनों ने शराब पार्टी की। उसके बाद रवित ने गला दबा कर प्रदीप की हत्या कर दी और शव सूखे कुएं में फेंक ऊपर से मिट्टी और पत्थर डाल दे दिए। कुछ महीनों बाद रवित ने मौका देख कर कुएं को मिट्टी से भर दिया और दूसरी जगह काम करने चला गया। बाद में इस कुएं को मिट्टी से पूरा भर दिया गया।
20 दिन की खुदाई के बाद निकला प्रदीप का कंकाल
इस मामले का खुलासा होने पर इस माह 8 नवंबर को जन सहयोग से पुलिस ने शिमला स्थित कुएं की खुदाई कराई। एक लाख रुपये में करीब 150 फीट खुदाई के बाद रविवार को नर कंकाल मिला। खोपड़ी, पूरा जबड़ा, चप्पल, बनियान, अंडर वियर, नीली शर्ट और शरीर की हड्डियां मिली है जो ऊपर से पत्थर मलबा डालने के कारण टूट चुकी थी और हड्डियों के पास ही नीचे स्टील की दो थालियां भी मिली हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पहले दोनों ने पास में बैठ कर खाना खाया था। मौके पर मौजूद खेतड़ी थानाधिकारी हरदयाल सिंह ने एफएसएल टीम बुला कर नमूने उठाए। कंकाल की पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए टेस्ट कराएगी।
दूसरी हत्या के आरोप में फंसने के बाद कबूली यह बात
दरअसल इस साल सितंबर में शिमला निवासी संदीप की हत्या हो गई थी। उसका शव हरियाणा सीमा में डाल दिया था। शव मिलने के स्थान पर तलाशी में कई आईडी कार्ड, फोन, फोटो, शराब के पव्वे आदि भी बरामद हुए जो शिमला के किसी युवक ने डाले थे। जांच के दौरान जिन लोगों के पहचान पत्र मौके से बरामद हुए, उनसे पूछताछ में पता चला कि शिमला के संदीप कुमार को पहले दिन शिमला के ही रवित कुमार उर्फ बाबू के साथ देखा गया था। रवित के घर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने संदीप की हत्या करना कबूल कर लिया। उसने अपने विरोधियों को फंसाने के लिए संदीप को पहले शराब पिलाई और फिर उसकी हत्या कर दी। रिमांड के दौरान रवित ने अपनी मौसी के बेटे प्रदीप (17) की भी इसी तरह शराब पिलाने के बाद गला दबा कर हत्या कर देने एवं शव को कुएं में डाल देने की बात कबूली थी। इसके बाद महेंद्रगढ़ जिले के बेवल निवासी ओमप्रकाश यादव ने 13 अक्टूबर को खेतड़ी थाने में शिमला के रवित कुमार के खिलाफ अपने बेटे प्रदीप की हत्या का मामला दर्ज कराया था।
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पुलिस ने आरोपी रवित कुमार को बुधवार को न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे तीन के रिमांड पर लिया गया है। उसने रिमांड पर बताया कि उसकी प्रदीप के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसको लेकर उसके मन में टीस थी। उसे टीस को निकालने के लिए उसने मौसेरे भाई प्रदीप को अपने घर बुलाया था। वहां उसे शराब पीला कर और कुएं में धक्का देकर मार दिया था।
-हरदयाल सिंह, थाना प्रभारी खेतड़ी।