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कोर्ट में फायरिंग के दौरान पपला को पकड़ने वाले एएसआई हार गए जिंदगी की जंग

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पिछले दो वर्ष से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे एएसआई धर्मबीर सिंह सोमवार को जिंदगी की जंग हार गए। दो वर्ष पहले हरियाणा एवं राजस्थान का इनामी बदमाश विक्रम उर्फ पपला के साथियों ने उसके सिर में गोली मार दी थी। तब से लेकर वह कोमा में थे। सोमवार को उन्होंने अपने गांव मकडानी में अंतिम सांस ली। मृतक धर्मबीर सिंह को पोस्टमार्टम मंगलवार को चरखी दादरी नागरिक अस्पताल में करवाया जाएगा।
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बता दें कि 8 सितंबर को 2017 को आरोपी वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और विक्रम उर्फ पपला निवासी गांव खैरोली की महेंद्रगढ़ कोर्ट में तारीख थी। कोर्ट में वैन के द्वारा कुछ बंदियों को लाया गया था। जिनमें पपला व उसका साथी वीरेंद्र भी था। कोर्ट में बंदियों को उतारते समय कुछ हमलावरों ने वैन पर फायरिंग कर दी थी।
हमलावर अपने एक साथी विक्रम उर्फ पप्पला को भगा ले जाने में कामयाब हो गए थे जबकि वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर को पुलिस ने वहीं दबोच लिया था। इस फायरिंग में एएसआई धर्मबीर सिंह, ईएचसी रामकुुमार, सिपाही राहुल, जयपाल तथा एक बंदी घायल हो गया था। सभी को उप नागरिक अस्पताल में उपचार देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया था। पुलिस ने विक्रम उर्फ पपला एवं वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर सहित पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
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एएसआई धर्मबीर ने पपला का पकड़ लिया था
एएसआई धर्मबीर ने पिपला को पकड़ लिया था तभी उसके साथियों ने उसके सिर पर गोली मार दी जिससे वह वहीं बेहोश हो गया था। दो महीने तक उसका रेवाड़ी के निजी अस्पताल में इलाज चला तथा बाद में लगभग दो महीने गुरुग्राम के आर्टीमिस अस्पताल में भी आईसीयू में रहा। इसी दौरान वह कोमा में थे। चिकित्सकों ने परिजनों को घर ले जाने के लिए बोल दिया था। उसके बाद से उसको घर ले आए थे।
हरियाणा पुलिस का इनामी बदमाश है पपला
बता दें कि विक्रम उर्फ पपला पर कोर्ट में फायरिंग करने के बाद हरियाणा पुलिस ने दो लाख रुपये का ई0नाम घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस ने इस पर इनाम बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया था। इसके बाकी साथी गिरफ्तार कर लिए थे। साथ वह गाड़ी भी पकड़ ली जिसमें वो सवार होकर आए थे। तीन चार महीने पहले राजस्थान के अलवर जिले में भी विक्रम उर्फ पपला के साथी फायरिंग कर उसको छुड़वा ले गए थे। राजस्थान पुलिस ने उस पर पांच लाख रुपये का इनाम रखा है।
दो महीने पहले हुए थे धर्मबीर रिटायर
एएसआई धर्मबीर सिंह ने 31 अक्तूबर 2019 को रिटायर हो गए थे। वे 58 वर्ष हो गए थे। धर्मबीर सिंह के गोली लगने के बाद परिवार ने काफी संघर्ष किया था। इलाज के दौरान उनके पैसे भी खत्म हो गए थे। परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस विभाग के लोगों ने सरकार पर दबाव बनाया तब जाकर उसके लड़के को हरियाणा पुलिस में नौकरी दी। धर्मबीर के तीन बच्चें हैं। एक लड़का और दो लड़की। तीनों ही शादीशुुदा हैं।
धर्मबीर सिंह महेंद्रगढ़ कोर्ट में हुई फायरिंग में घायल हो गए थे। उनके दो गोलियां लगी थी इनमें एक गोली सिर पर लगी थी। तभी वो कोमा में चले गए थे। सोमवार को उनकी मौत हो गई है। सोमवार को चरखी दादरी अस्पताल में पुलिस उनका पोस्टमार्टम करवाएंगे।
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- महाबीर सिंह, थाना प्रभारी महेंद्रगढ़।
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