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गांव मूसनौता में खनन को लेकर हुई जनसुनवाई हुआ हगांमा

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गांव मुसनोता में खनन मामले को लेकर सुनवाई करते उपायुक्त अजय कुमार। - फोटो : Narnol
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निजामपुर। गांव मूसनौता में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सोमवार को मैसर्स सतीश कुमार गर्ग एंड कंपनी की लीज पर खनन के लिए जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई में ग्रामीणों को माइंस व पर्यावरण संबंधित कोई भी आपत्ति मौखिक व लिखित रूप में देने का मौका दिया गया, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। नारेबाजी का दौरान ही एक युवक ने खनन का विरोध किया तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उपायुक्त के समक्ष ही उसकी पिटाई कर दी। बीच-बचाव के बाद युवक को छुड़वाया गया।
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जनसुनवाई से पूर्व ही कुछ ग्रामीण खनन के विरोध में गोशाला के पास ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। गोशाला के पास उपायुक्त की गाड़ी पहुंचने पर धरने पर बैठे लोगों ने विरोध स्वरूप नारेबाजी शुरू कर दी। जब उपायुक्त किसानों के पास नहीं रुके तो ग्रामीण पीछे-पीछे मंच तक पहुंच गए। यहां नारेबाजी करने पर टेंट में घुसने से पुलिस द्वारा रोका गया। इस पर और अधिक भड़क गए। ग्रामीणों का कहना था कि माइंस क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा अरावली के अंतर्गत आता है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी नेता राजेश रावत ने क्षेत्र के लोगों की मांग को उठाते हुए खनन पट्टा रद्द करने की बात कही तो कुछ लोगों ने नेताजी की उपायुक्त व पुलिस के सामने ही उसकी पिटाई कर दी। नेता जी का कुर्ता तक फाड़ दिया गया। पुलिस ने बीच बचाव कर नेताजी को छुड़वाया। कुछ ग्रामीणों ने माइंस संचालकों पर गुंडों द्वारा मार पिटाई करवाने का आरोप लगाया । जनसुनवाई में जिला खनन अधिकारी निरंजन लाल, आरओ प्रदूषण विभाग धारूहेड़ा संदीप कुमार, बीडीपीओ निजामपुर प्रमोद कुमार, डीएफओ वन विभाग रोहताश सिंह व मेहर सिंह थाना इंचार्ज नांगल चौधरी भी मौके पर उपस्थित रहे।
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- पहले भी जनसुनवाई के लिए हो चुका है हंगामा
गत अगस्त माह में भी उक्त मांइस की ओपनिंग के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ था। उस समय कुछ अधिकारियों व पुलिस की मौजूदगी में ही विरोध कर रहे ग्रामीणों ने टेंट उखाड़ कर फेंक दिया था। जिस कारण अधिकारियों को बिना जनसुनवाई के ही बैरंग लौटना पड़ा था। इस कारण इस बार जनसुनवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिससे कुछ ग्रामीणों के हंगामे के बीच भी जनसुनवाई को पूरा किया गया।
सचेत नागरिक मंच में जनसुनवाई के दौरान हुई मारपीट की निंदा की
नारनौल। सचेत नागरिक मंच ने गांव मुसनौता में लीज छोड़ने की जनसुनवाई के दौरान उपायुक्त समेत पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई मारपीट की कड़ी निंदा की। मंच के सदस्य लाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि उपायुक्त की मौजूदगी में मार पिटाई होना दिखाता है कि जिले में कानून व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द जिला प्रशासन मारपीट करने वाले अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।

जनसुनवाई में हंगामें में युवक की मारपीटाई के बाद फाड़े गये कपड़े।- फोटो : Narnol

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