नारनौल। हिंदी दिवस पर विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में भाषण, निबंध व कविता वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एमआर स्कूल में हिंदी दिवस पर स्कूल का पूरा कार्य हिंदी भाषा में किया गया। छात्रों व अध्यापकों ने आपस में हिंदी में ही बातचीत की। प्रधानाचार्य अनीता ने बताया कि सुबह समूह गान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम प्राची, रोहित, महिमा, द्वितीय गिरिश, तन्नू, रीया व तृतीय रजत, भारती, अचिका रहे। इसके अलावा साक्षी, मयंक, प्रियांशी, रीहू, रशि, मोहिनी, लक्ष्य, पारस ,पूजा रजित , खुशी, रक्षिता, प्रिंयका, मोहित, गरवित ने कविता वाचन किया। मनीषा, खुशबू, सिमी, आकांक्षा, अनुष्का, डिंपल, मुस्कान, दिपांशी, गरिमा व रक्षिता ने भाषण दिए। प्रधानाचार्य ने हिंदी को सशक्त भाषा के रूप में प्रगति की ओर ले जाने का आह्वान किया।
‘देश, वेश और परिवेश बदलने पर भी मातृभाषा नहीं बदलती’
नारनौल। मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा हिंदी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियां विषय पर वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय विचार-गोष्ठी आयोजित की गई। भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और आयरलैंड के राजदूत अखिलेश मिश्र ने कहा कि जिस दिन भारतीय अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व करने लगेंगे। उस दिन हिंदी का गौरव पूरे विश्व में स्वत: ही बढ़ जाएगा।
अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल (मध्य प्रदेश) के कुलपति डॉ. खेमसिंह डहेरिया ने कहा कि हिंदी जनभाषा ही नहीं, जीवंत भाषा भी है। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि हिंदी शीघ्र ही राष्ट्रसंघ की 7वीं आधिकारिक भाषा बनेगी। नॉर्थ कैरोलिना (अमेरिका) की विख्यात लेखिका सुधा ओम ढींगरा ने कहा कि भारतीयों को विदेश में हिंदी के प्रसार की बात करने से पूर्व देश में उसके विकास की चिंता करनी चाहिए। चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास मानव के सानिध्य और डॉ. पंकज गौड़ के संचालन में संपन्न हुई । इस संगोष्ठी में केंद्रीय हिंदी निदेशालय नई दिल्ली के सहायक निदेशक डॉ. दीपक पांडेय, पोर्ट ऑफ स्पेन में भारतीय दूतावास के द्वितीय सचिव डॉ. शिवकुमार निगम, हिंदी प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार सिंह, डॉ. यूरी बोत्विंकिंन, डॉ. प्रदीप कुमार सरमा, डॉ. हरिसिंह पाल ने हिंदी की वर्तमान स्थिति और भावी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। इस संगोष्ठी में डॉ. एस अनुकृति, प्रो. सिद्धार्थ रामलिंगम, डॉ. मीरा सिंह, डॉ. पुष्करराज भट्ट, रचना शर्मा, चितवन (नेपाल), डॉ. संध्या सिंह, बैजनाथ शर्मा, सुमति करीम, डॉ. नूतन पांडेय, डॉ. राजीव रावत, गिरधर शर्मा, संजना सिंह उपस्थित रहे।
कविता पाठ में इंदू व भाषण में नेहा रही प्रथम
नारनौल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोरियावास में हिंदी दिवस पर मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रवक्ता धर्मपाल शर्मा रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य अनिल कुमार शर्मा ने की। कार्यक्रम में भाषण व कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य ने बताया कि बाल वर्ग में निखिल प्रथम व जतिन दूसरे स्थान पर रहा। किशोर वर्ग में कविता पाठ में इंदू प्रथम, पूजा यादव द्वितीय और प्रीति तृतीय स्थान पर रही। भाषण में नेहा प्रथम, मनीषा कुमारी द्वितीय व निकिता तृतीय स्थान पर रही। मुख्य अतिथि ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय पशु देश की एकता के प्रतीक हैं वैैसे ही राष्ट्र भाषा भी देश की एकता की प्रतीक है।
हिंदी को न्यायालय व सरकारी कामकाज की भाषा बनाई जाए
नारनौल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गहली में कविता पाठ व भाषण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को न्यायालय एवं सरकारी कामकाज की आधिकारिक भाषा बनाया जाए। इस मौके पर वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेश कुमार, बजरंग लाल, रजित शर्मा, विनेश कुमारी, सुनीता कुमारी, उषा डीपीई, सत्यवीर सिंह व संजय उपस्थित रहे।
‘हिंदी किसी एक मजहब की भाषा नहीं बल्कि यह जन-जन की भाषा’
नारनौल। राजकीय माध्यमिक विद्यालय पावेरा में हिंदी दिवस मुख्य अध्यापक संजय शर्मा की अध्यक्षता में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष यशपाल यादव थे। मुख्य अध्यापक संजय शर्मा ने कहा कि हिंदी देश को जोड़ने वाली भाषा है। हिंदी किसी एक मजहब की भाषा नहीं बल्कि भारत के यह जन-जन की भाषा है। इस दौरान मुख्य अतिथि यशपाल यादव, प्रमोद शास्त्री, रवि, भारत तंवर व नवीन सैनी समेत अन्य मौजूद रहे।