नारनौल। पीठासीन अधिकारी हर्षाली चौधरी ने ट्रैक्टर हादसे में युवक की मौत के मामले में मृतक के माता-पिता को 17,47,900 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह राशि ट्रैक्टर चालक और मालिक से संयुक्त रूप से वसूलने के निर्देश दिए हैं। वहीं बीमा कंपनी को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया।
जज ने अपने फैसले में कहा कि मृतक अनिल कुमार ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठा हुआ था जबकि ट्रैक्टर केवल कृषि कार्य और चालक के उपयोग के लिए बीमित था। ऐसे में मृतक अनधिकृत यात्री की श्रेणी में आता है और उसका जोखिम बीमा पॉलिसी में कवर नहीं था।
याचिका के अनुसार अनिल कुमार की 22 जून 2024 की रात हादसे में मौत हो गई थी। बताया गया कि अनिल कुमार अपने साथी रणधीर के साथ ट्रैक्टर में पेट्रोल भरवाने के लिए जा रहा था। इस दौरान रास्ते में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में अनिल कुमार ट्रैक्टर के नीचे दब गया और उसकी मौत हो गई।
मृतक के माता-पिता सुमित्रा और सूबे सिंह ने 80 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए दावा याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि अनिल कुमार डेयरी फार्मिंग, पशुपालन और टिफिन सप्लाई का काम करता था व हर महीने करीब 40 हजार रुपये कमाता था। हालांकि ट्रिब्यूनल ने आय संबंधी पर्याप्त दस्तावेज न होने पर उसकी मासिक आय 11 हजार रुपये मानते हुए मुआवजा निर्धारित किया।
ट्रिब्यूनल ने मृतक की आय, भविष्य संभावनाओं और अन्य मदों को जोड़ते हुए कुल 17,47,900 रुपये मुआवजा तय किया। साथ ही याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश भी दिए।