सीआईडी की सूचना पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने अवैध रूप से खाद, बीज और अंग्रेजी दवा बेचने की दुकान का भंडाफोड़ किया है। टीम ने आरोपी दुकानदार को काबू कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
सीआईडी के डीआई विश्वजीत ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि हुडिना गांव में अवैध रूप से खाद व बीज की ब्रिकी हो रही है। सीआईडी ने दुकान के बारे में पूरी जानकारी लेकर मामले की सूचना सीएम फ्लाइंग रेवाड़ी को दी। इस पर सीएम फ्लाइंग के सूबे सिंह और सीआईडी की टीम ने वीरवार दोपहर करीब 12 बजे हुडिना गांव में दुकान पर छापा मारा। डीआई ने बताया कि खाद और बीज की बिक्री के लिए पहले लाइसेंस लेना जरूरी है। आरोपी मेई निवासी दुकानदार धर्मपाल ने लाइसेंस के लिए अप्लाई किया हुआ है। इसी बीच आरोपी यूरिया, डीएसपी, पोटाश और बीज बेचने लगा। उन्होंने बताया कि जबकि लाइसेंस मिलने के बाद एक पीओएस मशीन मिलती है। इसके बाद ही खाद को बेचा जा सकता है। डीआई ने बताया कि आरोपी धर्मपाल ने बिना लाइसेंस के अवैध रुप से खाद और बीज की बिक्री कर रहा था। विश्वजीत ने बताया कि आरोपी की दुकान से 200 बोरी डीएपी, 51 बोरी यूरिया व 19 बोरी पोटाश मिली है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार कृषि के बीच मिले हैं। आरोपी अवैध रूप से गोदाम भी बना रखा था। उन्होंने बताया कि बीजों के बेचने के लिए भी सरकारी लाइसेंस जरूरी है। जांच में टीम ने बताया कि आरोपी अपनी दुकान के पास की अवैध रुप से अंग्रेजी दवाईंयां और ग्लूकोच का पानी रखकर लोगों को उपचार कर रहा था। इसके पास से काफी संख्या में अंग्रेजी दवाईंयां मिली है। उन्होंने बताया कि छापा मारने के बाद कृषि विभाग और स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। दोनों की शिकायतों पर थाना पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
तीन साल से चल रही थी दुकान, नहीं लगी भनक
सीआईडी के अनुसार आरोपी करीब तीन साल से दुकान पर यह सामान बेच रहा था। कईयों को नहीं पता था कि उसे लाइसेंस नहीं मिला है। आरोपी लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के बाद ही दुकान खोल दिया। अब पुलिस आरोपी से पूरे मामले में पूछताछ करेगी। ऐसे में सवाल उठाता हैं कि कृषि विभाग, हेल्थ विभाग और फैजाबाद पुलिस की नजर आरोपी पर क्यों नहीं पड़ी।