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Mahendragarh-Narnaul News: मांगे पूरी न होने पर लिपिक वर्ग खफा, 5 फरवरी तक का दिया अल्टीमेटम

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फोटो संख्या:52 डायट में डीईओ विश्वेशर कौ​शिक को ज्ञापन सौंपते लिपिक। संवाद
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महेंद्रगढ़। ट्रांसफर पॉलिसी की समीक्षा व खाली पदों पर पदौन्नतियां जैसी मांगे पूरी न होने पर लिपिक वर्ग खफा है। इसके चलते उन्होंने 5 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। सोमवार को महेंद्रगढ़ जिले के हेमसा पदाधिकारियों ने डीईओ के माध्यम से डायरेक्टर पंचकुला को 11 फरवरी के हल्ला बोल प्रर्दशन का ज्ञापन डायट में जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक को सौंपा है।
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जिला प्रधान बाबूलाल यादव ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारी काफी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर संघर्षरत है लेकिन उच्च अधिकारी इन मांगों की तरफ कोई ध्यान नही दे रहे। विभाग के कर्मचारी गलत ट्रांसफर पालिसी का शिकार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सी ग्रेड में मामूली वेतन वाला कर्मचारी 250-300 किलोमीटर दूर नौकरी कर रहा है। सहायक से लेकर अधीक्षक तक पद लंबे समय से खाली पड़े है।
वहीं पदोन्नति के मामले मांगने पर की कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति लाभ नही मिलता जिसके कारण 30-32 साल तक नौकरी करने वाले लिपिक, लिपिक पद से ही सेवानिवृत्त हो रहा है जबकि डायरेक्टर आफिस का कर्मचारी 32 वर्षों में सुपरिटेंडेंट तक पहुंच जाता है जो फील्ड के कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
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हेमसा के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता सुजान मालड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें कोई नई नही है। हेमसा प्रतिनिधि मंडल राज्य प्रधान संदीप सांगवान व महासचिव हितेंद्र सिहाग के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों से कई बार मिल चुका है लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला।
इसके चलते कर्मचारियों ने मजबूर होकर 20 नवंबर को सिरसा के एक निजी पैलेस में राज्य कमेटी की बैठक बुलाकर यह फैसला लेना पड़ा। सोमवार और मंगलवार को समस्त प्रदेश में डीईओ के माध्यम से डायरेक्टर शिक्षा सदन पंचकुला के नाम 11 फरवरी के हल्ला बोल प्रर्दशन का नोटिस सौंपा जाएगा।
ये हैं लिपिक वर्ग की लंबित मांगे
लंबित मांगों के बारे में उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की समीक्षा व तत्काल स्थानांतरण, खाली पदों पर पदौन्नतियां, एसईटीसी में छूट, योग्यता अनुसार उच्च पदों पर समायोजन, कठिन क्षेत्र नूंह, मोरनी स्पेशल भत्ता दस हजार, वर्क लोड अनुसार नए पद सृजित करना, पुरानी पेंशन बहाली, हरियाणा वेतन आयोग का गठन, 5000 प्रतिमाह अंतरिम राहत, एक्सग्रेसिया में लगाई गई शर्त हटाने, एसीपी 5-10-15 प्रमोशनल पदानुसार, आरक्षित बैकलाग, नियमितिकरण की नीति एवं स्थाई भर्ती, निजीकरण पर रोक व सातवें वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स लेवल छह अनुसार लिपिक को 35400 बेसिक मानकर वेतन देने आदि मांगे हैं जिसे लेकर कर्मचारी लामबंद है।
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