स्वच्छता सर्वेक्षण का महीना शुरू हो चुका है। इसी महीने स्वच्छ भारत अभियान की टीम शहर में आकर सफाई व्यवस्था का सर्वे कर सकती है, मगर नगर परिषद का ध्यान केवल कूड़ा-कचरा उठाने पर केंद्रित है। जबकि नालों की सफाई नहीं की जा रही है। नप यह भी भूल गई है कि स्वच्छता रैंकिंग में नालों की सफाई के अंक भी होते हैं और वो अंक शहर की रैंकिंग को सुधार करते हैं।
शहर के मुख्य बाजारों, पार्क, गली, नलापुर, जमालपुर, पुल बाजार, कर्मचारी कॉलोनी आदि स्थानों पर नाले गंदगी एवं कीच से अटे हुए हैं। कई दिनों से उनकी सफाई नहीं हो रही है। नालों में थैलियां, कूड़ा-कचरा आदि पड़ा हुआ है, जिससे पानी की सप्लाई रुक सी गई है। पानी सड़क पर आ जाता है। नप की ओर से लाखों रुपये प्रतिमाह साफ-सफाई पर खर्च किए जाते हैं पर नालों की सफाई नहीं होने से दुकानदार, ग्राहक और मोहल्लावासी परेशानी उठा रहे हैं। नालों की वजह से मच्छर पैदा हो रहे हैं और बदबू उठ रही है। यहां के आमजन को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है।
नालों पर नहीं है ढक्कन
शहर के कई बाजारों में बड़े-बड़े नाले बने हुए हैं। इन नालों पर कई स्थानों पर ढक्कन ही नहीं लगाया गया है। कई स्थानों पर ढक्कन टूटे हुए हैं। ऐसे में वहां पर हादसा होने का डर बना रहता है। इसके अलावा लोग भी इन ढक्कनों में से कूड़ा डाल देते हैं, जिससे नाले का बहाव रुक जाता है।
पिछली बार मिला था शून्य अंक
पिछले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम ने कर्मचारी कॉलोनी से लघु सचिवालय की ओर जा रहे नाले का फोटो खींचकर भेजा था। उस समय नाले के जगह-जगह से ढक्कन टूटे हुए थे। यहीं फोटो आगे भेजी गई थी। इस बार भी इस रास्ते पर बने नाले पर कोई सुधार नहीं हुआ है। नाले के ऊपर बनाए गए ढक्कन रूपी छत दस जगहों से टूटी हुई है। यहां पर कभी कोई हादसा हो सकता है। यह रोड कर्मचारी कॉलोनी से लघु सचिवालय को जोड़ने वाला रोड है। इस रोड से महबीर चौक तथा बस स्टैंड का रास्ता भी जाता है। ऐसे में हजारों की संख्या में लोग वहां से गुजरते हैं।
मोहल्ला नलापुर निवासी दिनेश ने बताया कि गंदगी से जीना दूभर हो रहा है। कई बार नप के अधिकारियों को नाला साफ करवाने की शिकायत दी गई है, लेकिन वे इस तरफ ध्यान नहीं देते हैं। कई बार नाले में मोटरसाइकिल सवार गिर चुके हैं। - दिनेश, मोहल्ला नलापुर निवासी।
मोहल्ले में बना नाला गंदगी से भरा पड़ा है, जिससे नाले के आस-पास रहना मुश्किल हो गया है। गंदगी से मोहल्ले में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। लेकिन नप अधिकारियों की अनदेखी के कारण लोगों का जीना दूभर हो रहा है। महाबीर, मोहल्ला जमालपुर।
पार्क गली का नाला गंदगी से अटा होने से गंदा पानी भी रोड पर आ जाता है, जिससे लोगों का गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। नप को इस और ध्यान देना चाहिए। राधेश्याम, पार्क गली।
मोहल्ला पुरानी सराय का नाला कई दिनों से गंदगी से अटका हुआ है। नप कर्मचारी कभी भी साफ करने नहीं आते हैं। नाले से बदबू आती है। अब मच्छर पैदा होने लगे है, जिससे बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। गोपाल, पुरानी सराय।
नालों की सफाई भी करवाई जा रही है। जल्द ही शहर के सभी नालों की सफाई होगी। दूसरा शहर में नाले का सिस्टम खत्म कर देंगे। भविष्य में जो भी सड़कें बनेंगी उनमें नाले के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। मनोज कुमार, एसडीएम, नारनौल।