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चार जनवरी से शुरू होगा स्वच्छता सर्वे

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इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चार हजार अंकों की बजाय छह हजार अंकों का होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण चार जनवरी से 31 जनवरी तक किया जाएगा। शहर की अच्छी रैंकिंग के लिए अधिकारियों को मेहनत करनी होगी। ऐसे में नपा के लिए 68 नंबर से टॉप टेन में आना चुनौतियों से भरा होगा। स्वच्छता के मामले में अगर शहर को अच्छी रैंकिंग मिलेगी तो इनामी राशि भी अधिक मिलेगी। शहरवासी स्वच्छता एप डाउनलोड करके व ऑनलाइन और मैनुअल फीडबैक देकर अच्छी रैंकिंग दिलवा सकते हैं। केंद्र सरकार की स्वच्छता सर्वेक्षण टीम वार्डों में जाकर लोगों से फीडबैक लेगी।
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शहर को अच्छी रैंकिंग दिलवाने में नागरिकों की अहम भूमिका होगी। टीम के सदस्य लोगों से पूछेंगे कि नगरपालिका शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए क्या प्रयास कर रही है। इसके अलावा प्रत्येक गलियों में कहां सफाई हुई या नहीं इसकी जांच भी की जाएगी। शहर में घरों व दुकानों पर जाकर लोगों का फीडबैक लेगी। मौके की फोटो लेकर स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के लिए मार्च-अप्रैल-मई में मिनी सर्वे हुआ। जून, जुलाई, अगस्त में दोबारा से सर्वे किया गया है। सितंबर से नवंबर तक तीसरा सर्वे चल रहा है। इन तीनों सर्वेक्षण की नपा ने सफाई व्यवस्था को लेकर जो काम किया है उनका रिकॉर्ड प्रूफ देना होगा। इस दौरान नपा टीम ने होटल, ढाबा, रेस्टोरेेंट, मैरिज पैलेस, स्कूल में लोगों को सफाई के लिए कितना मोटिवेट किया है। वहां पर कौन-कौन से स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए गए हैं। कार्यक्रम के बाद इन स्थानों पर कितना सुधार हुआ है। इन सब के अंक जनवरी 2020 में स्वच्छता सर्वेक्षण में जुड़ेंगे। अगर फिलहाल की बात करें तो अभी शहर के हालात बेहद खराब हैं। जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
नपा की सर्वेक्षण में अब तक यह रही स्थिति
केंद्र शासन ने सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 2017 से स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत की। पहले चरण में देश के 500 शहरों में महेंद्रगढ़ शहर का नंबर नहीं आया था। 2018 में पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल हुुए महेंद्रगढ़ का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। उस वर्ष प्रदेश में ही 68वां स्थान प्राप्त किया था। 2019 में लाखों रुपये खर्च किए जाने के बाद महेंद्रगढ़ का स्थान खिसककर ओर नीचे चला गया। पिछले दो वर्षों की रैंकिंग एवं वर्तमान हालात को देखकर नहीं लग रहा महेंद्रगढ़ टॉप टेन में शामिल होगा।
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वर्तमान में यह हालत है शहर की
इस समय शहर में पहला स्वच्छता सर्वेक्षण का चरण चल रहा है। लेकिन रैंकिंग सुधारने के लिए नगरपालिका ने कोई प्रयास शुरू नहीं किए। शहर में कहीं भी डस्टबिन नहीं हैं जिस कारण कई स्थानों पर कूड़ों के ढेर लगे होते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। पालिका की ओर से शहर में स्वच्छता लाने के लिए पॉलिथीन कचरे से निपटने के कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
चार जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चलेगा। केंद्र सरकार की टीम तीन दिन महेंद्रगढ़ शहर तथा तीन दिन नारनौल में रहेगी। इसको लेकर जिले में तैयारियां की जा रही हैं। इस बार छह हजार अंकों में से अंक प्राप्त होंगे। शहरवासी भी फीडबैक के जरिए अपना योगदान दे सकेंगे।
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- जितेंद्र कुमार, जिला कॉर्डिनेटर, स्वच्छ भारत मिशन।
आमजन से पूछे जाएंगे 12 सवाल
1. क्या आपके वार्ड से कूड़ा प्रतिदिन उठा रहा है, कर्मचारी आ रहे हैं या नहीं?
2. कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी को आप गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग करके देते हैं या नहीं?
3. आप वार्ड में सफाई से खुश हैं या नहीं?
4. क्या आपको पता है कि पॉलिथीन व प्लास्टिक बैन है? आप इनका यूज तो नहीं कर रहे?
5. उठान के बाद नगर पालिका कचरे का निपटान किस तरह से कर रही है, रिसाइकल हो रहा है या नहीं?
6. क्या आप अपने घर में होम कंपोस्टिंग (कूड़े की खाद) बनाते हैं या नहीं, आपको इस बारे में बताया या नहीं?
7. आपके शहर के जितने शौचालय हैं, वह गूगल मैप पर हैं क्या आपको पता है?
8. आपके शहर के होटल, स्कूल, अस्पताल या अन्य संस्थान किस रैंकिंग के हैं यानी साफ सफाई संबंधित कैसे हैं?
9. क्या आपने कभी स्वच्छ सर्वेक्षण में कोई श्रमदान किया है या नहीं?
10. क्या आपको स्वच्छ सर्वेक्षण 20-20 लीग के बारे में पता है?
11. आपका शहर स्वच्छ सर्वेक्षण 20-20 में भाग ले रहा है, किसी कर्मचारी ने आपको बताया या नहीं?
12. क्या आपके शहर में शौचालय साफ सुथरे व यूज करने योग्य हैं या नहीं?
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