संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। जिले के निजी स्कूल संचालक कनीना हादसे से भी सबक नहीं ले रहे हैं। स्कूल बस संचालक अपने फायदे के लिए बसों में सीटों की तुलना में दोगुने बच्चों को बैठाकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। जब प्रशासन की तरफ से वीरवार को नांगल चौधरी में स्कूल बसों की जांच की तो एक स्कूल वैन को जब्त कर लिया, वहीं दूसरी बस का चालान किया गया है।
इतना ही नहीं जब प्रशासन की तरफ से दूसरी बस बुलाई गई तो वह भी बच्चों से भर गई। जिस स्कूल बस की जांच की थी वह करीब 25 सीटर थी, लेकिन उस बस में बैठा करीब 50 बच्चे रखे थे। ऐसे में स्कूल संचालकों की लापरवाही से फिर से कनीना जैसा हादसा घटित हो सकता है।
अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाली स्कूल बसों के चालान काटे गए। वहीं चालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान निजामपुर के नजदीक एक निजी स्कूल बस में क्षमता से ज्यादा स्कूली बच्चे बस में बैठे मिले। इसके बाद दूसरी बस को बुलाया गया और बच्चों को बैठाया। स्कूल संचालक दो बस की सवारियों को एक बस में बैठाकर बच्चों की जान जोखिम में डाल रहा था। इस मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने बस का चालान किया। वहीं एक क्रूजर गाड़ी बिना नियमों के स्कूली बच्चों को लेकर जा रही थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे जरूरी
निजी स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। बसों को वैध लाइसेंस वाले अनुभवी ड्राइवरों द्वारा चलाया जाना चाहिए। ड्राइवरों को नियमित चिकित्सा जांच और पृष्ठभूमि सत्यापन होना चाहिए। ब्रेक, टायर और अन्य सुरक्षा सुविधाओं की नियमित जांच के साथ बसों को अच्छी स्थिति में बनाए रखा जाना चाहिए। बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट और अग्निशामक यंत्र होना चाहिए। इसके अलावा भी इस पॉलिसी के तहत कई नियम निर्धारित किए गए हैं, उन सभी नियमों की पालना की जानी जरूरी है। अतिरिक्त उपायुक्त ने चेतावनी दी कि इन नियमों उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बस परमिट रद्द करना और स्कूल और बस ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शामिल है।
जिला प्रशासन भविष्य में भी यह अभियान चलाता रहेगा और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हरियाणा स्कूल सुरक्षित वाहन नीति में स्कूल बसों के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं और इन नियमों के किसी भी उल्लंघन पर चालान सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के लिए बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
-दीपक बाबूलाल करवा, अतिरिक्त उपायुक्त