नारनौल/महेंद्रगढ़। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फूड सप्लाई, माइनिंग की संयुक्त टीम ने वीरवार को चौधरी ईंट भट्ठा बसई और ओम ईंट भट्ठा बाघोत पर छापा मारा। ओम ईंट भट्ठा अवैध रूप से चल रहा था जबकि चौधरी ईंट भट्ठे की चिमनी बंद मिली। दोनों भट्ठों पर जिक जैक का प्रयोग भी नहीं किया गया था। दोनों पर संबंधित विभाग जुर्माना लगाएंगे। ओम ईंट भट्ठा मालिक के खिलाफ फूड सप्लाई विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि दोनों गांवों में बिना लाइसेंस के ईंट भट्ठे चल रहे हैं। वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते से उप निरीक्षक सतेंद्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक सुनील, गुप्तचर विभाग की ओर से उप निरीक्षक लीलाराम, उप निरीक्षक अनिल, सिपाही अजय, सतीश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धारूहेड़ा से विकास ग्रेवाल वैैज्ञानिक-बी, खनन विभाग से निरीक्षक मनीषा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से एएफएसओ अरुण, निरीक्षक ध्यान सिंह, निरीक्षक मधू की संयुक्त टीम ने गांव बसई में स्थित चौधरी ब्रिक्स कंपनी ईंट भट्ठे पर छापा मारा। इस दौरान वहां पर चिमनी नहीं चल रही थी लेकिन ईंटों की छपाई और भराई हो रही थी। जब भट्ठा मालिक दिनेश निवासी चेलावास से लाइसेंस एवं एनओसी मांगी तो वह कुछ नहीं दिखा पाया। इस भट्ठे पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य आपूर्ति विभाग, खनन विभाग की ओर से नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके बाद लगभग 3 बजे टीम ने गांव बाघोत स्थित ओम ब्रिक्स एंड कंपनी ईंट भट्ठे पर छापा मारा। मौके पर चिमनी जली हुई मिली, ईंटों की छपाई एवं भराई का कार्य भी चल रहा था। जब ईंट भट्ठा मालिक पवन निवासी गांव पाथेड़ा से लाइसेंस एवं एनओसी मांगी तो उसके पास कोई कागजात नहीं मिले। इस पर फूड सप्लाई विभाग ने हरियाणा कंट्रोल ब्रिक्स सप्लाई एक्ट 1949, 1972 की कार्रवाई के लिए थाना कनीना में शिकायत दी। विकास ग्रेवाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धारूहेडा की ओर से बिना जिग जैक प्रणाली, बिना सहमति, बिना सीटीओ व अवैध तरीके से चिमनी जलाने व एयर एक्ट 1981 के तहत कार्यवाई के लिए थाना कनीना में शिकायत दी है।
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ओम ब्रिक्स कंपनी के मालिक के पास किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं मिले तो उसके खिलाफ कनीना थाने में शिकायत की गई है। अन्य विभागों की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं चौधरी ब्रिक्स कंपनी ईंट भट्ठे पर चिमनी नहीं चली हुई थी। वह एक एक प्रकार से बंद था लेकिन उस पर अन्य विभागों की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा।- अरुण कुमार, एएफएसओ, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नारनौल।