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फायर ब्रिगेड स्टेशन बनने से खंड के 54 गांवों की करीब एक लाख आबादी को होगा लाभ

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कनीना। खंड के गांव चेलावास में करीब 3 करोड 77 लाख रुपये की लागत से बनने जा रहे फायर ब्रिगेड स्टेशन का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके तैयार हो जाने पर कस्बे के अंतर्गत आने वाले 54 गांवों की करीब एक लाख आबादी को लाभ मिलेगा।
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बता दें कि इस फायर ब्रिगेड स्टेशन का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी 2019 को खुड़ाना में आयोजित हुई रैली के दौरान किया था। कंपनी को इसका निर्माण कार्य नवंबर 2021 के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हुए हैं। इस फायर ब्रिगेड स्टेशन के बनने के बाद से क्षेत्र में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा।
3 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से बनाया जा रहा है फायर ब्रिगेड स्टेशन
नगरपालिका के जेई हितेश ने बताया कि फायर ब्रिगेड स्टेशन बनाने के लिए 9 कनाल जगह निर्धारित की गई है। जिसमें करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत आएगी। संबंधित कंपनी ने अभी तक करीब 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया है। जल्द ही बाकी काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
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लोगों ने रेलवे फाटक पर भी ओवरब्रिज बनाने की उठाई मांग
इस रोड पर कनीना के पास ही एक रेलवे फाटक भी पड़ता है। जिस पर अभी तक कोई ओवरब्रिज नहीं बना है। क्षेत्र के लोगों ने हलका विधायक से इस फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की मांग भी की है। लोगों ने बताया कि आगजनी की घटना के समय फाटक बंद होने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर समय पर नहीं पहुंच सकती है।
क्षेत्र में आगजनी की घटना होने पर दमकल केंद्र महेंद्रगढ़ से फायर की गाड़ी भेजी जाती थी। गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था अब कनीना कस्बे के पास ही फायर स्टेशन बनने के बाद घटनास्थल पर शीघ्रता से पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सकेगा।
-सुशील यादव, समाजसेवी गाहड़ा
कनीना में फायर केंद्र खोलने की मांग वर्षों पुरानी है। रबी फसल की कटाई के समय आगजनी की घटनाएं घटित होती रहती हैं। जिन पर काबू पाने के लिए कनीना में दमकल केंद्र होना बहुत जरूरी था। इस केंद्र के खुलने के बाद क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।
-संदीप यादव, गांव रामबास
कनीना में फायर स्टेशन न होने की वजह से कनीना एवं आस-पास की एक लाख की आबादी महेंद्रगढ़ स्थित दमकल केंद्र पर निर्भर थी। कई बार आगजनी की घटना होने से दमकल विभाग की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था। तब तक काफी नुकसान हो चुका होता था।
-नीरज चौधरी, कनीना
क्षेत्र में होने वाली आगजनी घटनाओं के समय महेंद्रगढ़ व नारनौल से फायर बिग्रेड की गाड़ियों को पहुंचने में आधे से एक घंटे तक का समय लग जाता था। इस दौरान घटना स्थल पर सब कुछ आग की भेंट चढ़ जाता था। अब इस फायर स्टेशन से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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-अधिवक्ता सुनील यादव, ककराला
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