बस स्टैंड पर सुरक्षा की दृष्टि से तैनात पुलिस कर्मियों के लिए बनाई गई पुलिस चौकी इन दिनों जर्जर हाल है। हर पल हादसे का भय रहता है। लोगों को भय मुक्त रखने वाली पुलिस खुद ही खौफ के साये में है।
यहां पुलिस चौकी पहले से ही ऐसे स्थान पर बनी है कि अंदर बैठ जाने के बाद बस स्टैंड परिसर के अंदर व बाहर कुछ भी दिखाई नहीं देता। फिलहाल बस स्टैंड के भवन में जहां पुलिस चौकी बनी है। यहां चार कर्मचारियों की ड्यूटी देते हैं। चौकी देखरेख के अभाव में प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है। यहां रंग-रंगोन नहीं हुआ है वहीं छत के लेंटर से प्लास्टर गिरता रहता है। बस स्टैंड पुलिस चौकी के बाहर भी दीवारों में दरारें आई हुई हैं इसे देखकर ऐसा लगता है कि ये किसी भी समय गिर जाए। बस स्टैंड के कर्मचारी इस चौकी में कबाड़ भी डाल जाते हैं। इससे साफ-सफाई भी ठीक से नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में पुलिस कर्मचारियों का चौकी में बैठने का मन भी नहीं करता।
बस स्टैंड पुलिस चौकी की जगह हमने पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था के लिए दी हुई है और इसमें कुछ कमियां है तो उसे दूर किया जाएगा। पुलिस चौकी में अगर बस स्टैंड का कबाड़ पड़ा है तो उसे उठवाया जाएगा और व्यवस्था ठीक की जाएगी।
अनित कुमार, रोडवेज महाप्रबंधक, नारनौल।