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खंड शिक्षा अधिकारी ने नांगल चौधरी खंड के स्कूलों का किया औचक निरीक्षण

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खंड शिक्षा अधिकारी भूप सिंह रंगा ने वीरवार को खंड के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। कई स्कूलों में अध्यापक नदारद मिले। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को सिफारिश की गई है।
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जानकारी के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी भूप सिंह रंगा ने शुक्रवार को मांदी, कारोता, दौगली व कमांनिया के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मांदी स्कूल में 40 प्रतिशत अध्यापक, स्टाफ सीएल अवकाश पर मिले। इसके अलावा कोविड व स्वच्छता के मापदंड भी संतोषजनक नहीं मिले। स्कूल की लापरवाही व अनियमिताएं सूचीबद्ध करने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी कारोता स्कूल में पहुंचे। जहां स्कूल हेड अवकाश पर मिला। उनकी अवकाश हाजिरी रजिस्टर्ड में लगी हुई थी, लेकिन अवकाश की अर्जी उच्च अधिकारी से सेंक्शन नहीं हुई थी। नियमानुसार स्कूल मुखिया को अवकाश की अर्जी उच्च अधिकारी से स्वीकृत करवाना होता है। यहां से डाटा लेने के बाद बीईओ दौंगली स्कूल में पहुंचे, लेकिन उन्हें वहां भी अनियमितताएं मिलीं। जिनको सूचीबद्ध करने के बाद बीईओ ने कमानियां स्कूल का निरीक्षण किया। यहां पर उनको स्कूल का अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था उच्च स्तर की मिली। सभी कक्षाओं में अध्यापक मौजूद मिले। साथ ही विद्यार्थियों की हाजिरी भी संतोषजनक मिली। बीईओ भूप सिंह रंगा ने बताया कि सरकार शिक्षा के स्तर को बढ़ाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। नियमानुसार एक स्कूल में 10 प्रतिशत से ज्यादा अध्यापक अवकाश पर नहीं जा सकते। क्योंकि इस कारण से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल मुखिया की लापरवाही व कर्मचारियों की शिकायत उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं। साथ ही कारोता स्कूल के मुखिया की भी लापरवाही सामने आई है। जिसके खिलाफ कार्यवाही के लिए अनुशंसा की गई है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी स्कूलों पर औचक निरीक्षण जारी रहेगा। शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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