फोटो संख्या:61- राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में कार्यक्रम को संबोधित करती प्राचार्य डॉ. पूर्
महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी व महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पूर्ण प्रभा ने किया। उन्होंने बताया कि मात्र 25 वर्ष की अल्प आयु में बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध एक सशक्त आंदोलन का सूत्रपात किया और विभिन्न समुदायों को एकजुट कर उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष की अगुवाई की। उनके जीवन मूल्य आज भी भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यदि आज का विद्यार्थी बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर मानवता, सहअस्तित्व और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाए, तो वह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. जितेंद्र ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का नेतृत्व करते हुए समाज को प्रकृति से जुड़कर जीवन जीने की एक अनूठी प्रेरणा दी। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. हीरा सिंह ने कहा कि हमें बिरसा मुंडा द्वारा जेल के अंदर भी अपनाए गए जीवन मूल्यों से सीख लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा यह संकल्प लिया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे और प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान देंगे।
कार्यक्रम में उप-प्राचार्य प्रो. विजय यादव, एनसीसी प्रभारी प्रो. (डॉ.) कैप्टन शमशेर सिंह, डॉ. सोमवीर, डॉ. रेनू यादव, प्रो. विकास, डॉ. पविता यादव, डॉ. परमीत कुमारी, डॉ. मुकेश यादव, डॉ. संदीप कुमारी, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. पूजा रानी, डॉ. विजया बाई, डॉ. अशोक कुमार सहित अनेक लोग मौजूद रहे।