नारनौल। करीब 10 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में एडीजे हर्षाली चौधरी ने आरोपी हिमांशु कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला सितंबर 2025 में नारनौल के साइबर थाना में दर्ज हुआ था।
शिकायतकर्ता को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर गूगल मैप्स पर समीक्षा पोस्ट करने जैसे साधारण कार्य का लालच दिया गया। आरोपियों ने वेबसाइटों और यूपीआई खातों से कुल 10,30,000 रुपये ठग लिए। यह ठगी खाता सक्रिय करने और अंक बढ़ाने के नाम पर हुई।
जांच में पता चला कि हिमांशु ने एक म्यूल अकाउंट का इंतजाम किया था। इस खाते में ठगी के 38,620 रुपये स्थानांतरित हुए थे। उसका यस बैंक खाता भी अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त पाया गया। अदालत ने इसे संगठित धोखाधड़ी मानते हुए हिमांशु को जमानत का हकदार नहीं माना। सह आरोपी प्रीतम अभी भी फरार है। संवाद