नारनौल। पीएमश्री कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा कराई गई। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा कराने का उद्देश्य प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है।
परीक्षा सुबह 11 बजे से 12:30 तक हुई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने कहा कि इस तरह की छात्रवृत्ति परीक्षाएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल सराहनीय है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराती है।
वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पवन भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार की परीक्षाएं विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें बड़ी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि वे निरंतर मेहनत और लगन से अध्ययन करें ताकि भविष्य में सफलता प्राप्त कर सकें। प्राध्यापक मूलचंद सैनी और ललित सैनी को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी।
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प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान व तर्कशक्ति सहित अन्य विषयों से संबंधित प्रश्न थे। सबसे पहले उन प्रश्न को हल किया जो अच्छे से आते थे।-
सुमित, कक्षा-12
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छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के बाद से ही परीक्षा को लेकर उत्साहित थी। छात्रवृत्ति के लिए चयनित होती हूं तो उपयोग आगे की पढ़ाई के लिए करुंगी।- लवीना, छात्रा, कक्षा-12
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के बाद से तैयारी कर रही थी। पहला अवसर है जब प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया है। इससे प्राप्त अनुभव भविष्य में सहायक सिद्ध होंगे। -साक्षी, कक्षा- 11
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प्रश्नपत्र में पूछे गए कुछ प्रश्न आसान व कुछ प्रश्न कठिन थे। सभी प्रश्नों को हल किया है और उम्मीद है परिणाम सकारात्मक रहेगा।-
जतिन यादव, कक्षा-11
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परीक्षा को लेकर उत्साहित था। सवाल हल करने में एकाग्रता बनी रही। उम्मीद है कि छात्रवृत्ति के लिए उत्तीर्ण हो पाउंगा।-मनजीत, कक्षा-9
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डॉक्टर बनना चाहती हूं लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। छात्रवृत्ति सपनों को पूरा करने में सहायक होगी।- नचिता, कक्षा-9
इंजीनियर बनना चाहता हूं। छात्रवृत्ति से पढ़ाई में मदद मिल सकती है। नियमित पढ़ाई कर रहा हूं ताकि लक्ष्यों को पूरा कर सकूं।
कमलकांत, कक्षा-10
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छात्रवृत्ति परीक्षा में भाग लेने के लिए माता-पिता भी उत्साहित थे। बेहतर प्रदर्शन कर माता-पिता के सपनों को उड़ान दूंगी।-
पायल, कक्षा- 10