गांव खुडाना की राजपूत धर्मशाला में रविवार को लीलू सिंह की अध्यक्षता में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने भाग लिया। महापंचायत में पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा एवं कांग्रेस विधायक रावदान सिंह का विरोध करने का एलान किया गया।
इस महापंचायत में आईएमटी की लड़ाई संघर्ष के माध्यम से लड़ने का निर्णय और 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी गांवों में जाकर लोगों को इस संघर्ष के लिए जागरूक करेगी। साथ ही 15 अगस्त को एक बड़ी महासभा आयोजन करने का निर्णय भी लिया गया है।
उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित आईएमटी का काम शीघ्र शुरू करवाने के लिए एक एकमत से प्रस्ताव पास भी किया।
वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी 2019 को गांव खुडाना में आईएमटी का शिलान्यास किया था। लगभग 2.5 वर्ष बीत जाने के बाद भी आईएमटी पर काम शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पंचायत दो बार पंचायती जमीन का प्रस्ताव पास कर दे चुकी है। बावजूद अभी तक सरकार जमीन के मोलभाव तक तय नहीं कर पाई है। अगर अब तक जमीन के मोलभाव तय नहीं हुए हैं तो जमीन का ट्रांसफर कब तक होगा। यहां पर आईई और फूड प्रोसेसिंग टाइप उद्योग नहीं चाहिए। ग्रामीणों को केवल आईएमटी ही मंजूर होगी। इससे कम कुछ मंजूर नहीं होगा। अगर आंदोलन को सफल बनाना है तो हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने सार्थक प्रयास करेंगे होंगे तभी हम इस लड़ाई को जीत सकेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि हमें शीघ्र ही आईएमटी के लिए प्रयास शुरू करने चाहिए अन्यथा अगर सरकार आईएमटी के लिए कोई और जगह तलाश कर लेगी तो हमारे प्रयासों का कोई मतलब नहीं रहेगा। इस अवसर पर पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह, इनेलो जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पूर्व पार्षद वीरेंद्र पालड़ी, राकेश तंवर, मोती सिंह, ललित सिंह एडवोकेट, इनेलो नेता बलवान फौजी, पंचायत में अपने विचार रखने वालों में विनोद पाली, तरुण यादव, पारुल राव, सुरेंद्र बंटी, प्रदीप कुमार मालडा, श्योराज चेयरमैन, मंजीत तंवर, विष्णु पाली, मंजीत बास, शेकू समेत बहुत सारे वक्ता शामिल थे।
महापंचायतों में नेताओं को शामिल करने का विरोध
महांपचायत में नेताओं का विरोध किए जाने पर भी निर्णय लिया गया। लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने नेताओं का विरोध करने तथा आंदोलन में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया। इस मौके पर संतोष पीटीआई ने नेताओं को आंदोलन में शामिल करने का सुझाव दिया था लेकिन कुछ लोगों ने यह तक कह दिया कि पूर्व मंत्री एवं विधायक को शामिल किया तो वो आंदोलन में एवं सदस्य कमेटी में शामिल नहीं होंगे।
ये हैं कमेटी के सदस्य
रविवार को आयोजित महापंचायत में 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। गांव खुडाना निवासी लीलू सिंह को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व सरपंच नरेंद्र कुमार, एडवोकेट ललित कुमार, बलवान फौजी, राकेश तंवर, सुरेंद्र कौशिक, विनोद पाली, वीरेंद्र पालड़ी , मोती सिंह, मंजीत बास, डॉक्टर नरेश खुडाना, मंजीत बास, प्रदीप मालडा, महेश रामपुर, सिनुर पोता, भगवान सिंह झुक, कुलभूषण, नरेंद्र अकोदा, विष्णु पाली आदि शामिल किए गए हैं।
कोट्स-
ढाई वर्ष पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल आईएमटी की आधारशिला रखकर गए थे। अभी तक उसमें जमीन का मोलभाव का कार्य भी नहीं हुआ। अब लोगों ने संघर्ष की राह अपना ली है। इस लड़ाई को जीतने के लिए वो संघर्ष करेंगे।
- संदीप मालड़ा, अध्यक्ष श्री सूूंडाराम ट्रस्ट।
गांव की पंचायत दो बार सरकार को पंचायत का प्रस्ताव पास कर दे चुकी है। कई बार अधिकारियों से भी इस संबंध में मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन केवल आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। इतने दिन बीत जाने के बाद भी काम शुरू न होने से लोगों में निराशा है।
- ओमपाल सिंह सरपंच प्रतिनिधि खुडाना
प्रदेश सरकार ने आईएमटी की घोषणा की है। यदि यहां आईएमटी के स्थान पर आईई का निर्माण किया तो इसका पुरजोर तरीके से विरोध होगा। यह क्षेत्र के साथ नाइंसाफी होगी। अब संघर्ष कर ही इस लड़ाई को हम जीतेंगे।
- मनोज कुमार, अधिवक्ता।
जब मुख्यमंत्री आईएमटी की आधारशिला रख गए तो उस पर काम क्यों नहीं हो रहा। दो बार पंचायत अपना प्रस्ताव पास कर दे चुकी है उसके बाद दिक्कत कहां है? आईएमटी हमारा हक है और हम लेकर रहेंगे। मुख्यमंत्री को अपने वादे को पूरा करना चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
-डॉ. नरेश खुडाना, ग्रामीण