फोटो 19अटेली मंडी में मिट्टी के बर्तन बेचती हुई वैभवी।संवाद
मंडी अटेली। कस्बे की होनहार छात्रा वैभवी सुरेडीया ने 12वीं कक्षा में 96.08 प्रतिशत अंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वैभवी की यह उपलब्धि सिर्फ अच्छे अंकों की नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, हिम्मत और मजबूत इरादे की कहानी है।
वैभवी ने हाल ही में हुई संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा में भी हरियाणा में 28वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। छोटी उम्र में ही उन्होंने बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं लेकिन पढ़ाई से कभी दूरी नहीं बनाई।
वैभवी के पिता स्वर्गीय जयपाल सुरेडीया दिव्यांग थे और करीब एक साल पहले उनका निधन हो गया था। इसके बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। घर चलाने के लिए वैभवी उसकी मां चन्द्र ज्योत्स्ना के साथ मिट्टी के बर्तन बेचती है लेकिन इन हालातों ने उनका हौसला कमजोर नहीं किया।
घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने पूरी लगन से पढ़ाई की और अनुशासन बनाए रखा। वैभवी अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मां को देती हैं जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
वैभवी का सपना है कि वह आगे चलकर कानून के क्षेत्र में कॅरिअर बनाए और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने में मदद करे। उनकी इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष विजय सहित कई लोगों ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।