नियम 134ए के तहत दाखिले के नाम पर स्कूलों द्वारा शुल्क की मांग करने पर अभिभावकों ने बुधवार को शिक्षा अधिकारी के नाम खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
अभिभावक देशराज, संजीव कुमार, राजवीर चनेजा, रविकांत, लक्खी चौहान, अजीत कुमार, सरिता यादव, हिमांशु, गजराज ने बताया कि बच्चों का दाखिला करवाने के लिए लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं। निजी स्कूल एवं अधिकारी एक-दूसरे के कार्यालयों में भेजकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूलों में जाते हैं तो वहां पर शुल्क की मांग की जा रही है।
अभिभावक बोले-15 हजार मांगा जा रहा शुल्क
अभिभावकों ने बताया कि जब निजी स्कूलों में दाखिले के लिए जाते हैं तो वहां पर दस से पंद्रह हजार रुपये का शुल्क मांगा जाता है। 15 दिनों से निजी स्कूलों में खंड शिक्षा अधिकारी व एसडीएम कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। बच्चों के दाखिले की अंतिम तिथि भी नजदीक है। ऐसे में उनकी परेशानी बढ़ रही है। सरकार एवं प्रशासन से मांग है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए तय समय पर दाखिले कराएं।
खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन
अभिभावकों ने बताया कि जब वे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे तो निजी स्कूलों को दाखिला करने के निर्देश देते हुए पत्र भी जारी कर दिया था। लेकिन स्कूल स्टाफ कह रहे हैं कि जब तक लिखित में नोटिफिकेशन नहीं आएगा तब तक दाखिला नहीं करेंगे।
कुछ अभिभावकों की शिकायत आई है कि कुछ स्कूल शुल्क मांग रहे हैं। दाखिले देने में आनाकानी करने वाले स्कूलों को पत्र भेजे गए हैं। लेकिन इसके बावजूद भी कुछ स्कूल बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। उनकी तरफ से विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया है। जिन स्कूलों में नियम 134ए के तहत सीटें अलॉटमेंट हुई हैं उन्हें अनिवार्य रूप से दाखिला देना होगा। तय समय पर दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों के विरुद्ध विभाग के नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। - अलका, खंड शिक्षा अधिकारी।