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सभी बांध भरे, नहरी पानी से भरे जा रहे जोहड़

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हसनपुर डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से ढोसी हिल के पास भरा गया पानी। संवाद - फोटो : Narnol
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जल शक्ति अभियान के तहत बेहतर जल प्रबंधन महेंद्रगढ़ जिले के लिए वरदान साबित हो रहा है। एक तरफ बांध बनाकर बारिश के पानी को सहेजा जा रहा है वहीं दूसरी तरफ मध्य हरियाणा के अतिरिक्त पानी को लाकर कृष्णावती व दोहान जैसी महत्वपूर्ण नदियों में 50 जगह पर इंजेक्शन प्रणाली के माध्यम से रिचार्ज करने का काम किया जा रहा है। इन दोनों ही नदियों में कई किलोमीटर तक पानी भर गया है।
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उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जल शक्ति अभियान को जिला महेंद्रगढ़ में पूरे जोर-शोर से चलाया जा रहा है। रिचार्ज से संबंधित परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने से भूजल स्तर सुधारने में काफी मदद मिल रही है। डीसी ने बताया कि जिला में बांधों का निर्माण किया गया है। दोनों महत्वपूर्ण नदियों में पानी छोड़ा जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में रिचार्जिंग बोर बनाए गए हैं। जिले के सभी तालाबों को नहरी पानी से भरने का काम लगातार जारी है। इन सबके एक साथ क्रियान्वयन से इस बार जलस्तर में ऐतिहासिक सुधार होने की उम्मीद है।
महेंद्रगढ़ हरियाणा राज्य के दक्षिणी पश्चिम भाग में स्थित है और भूजल स्तर बहुत गहराई तक चला गया है। महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी, निजामपुर, अटेली खंड क्षेत्र में जल स्तर को बनाए रखने के लिए डार्क जोन घोषित करना पड़ा था। अब जिले में रीचार्जिंग योजनाओं के चालू होने से आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर में सुधार हो रहा है।दोनों मौसमी नदियां जल संरक्षण में सहायक सिद्ध हो रही
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सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता सुरेश यादव ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले से सटे राजस्थान राज्य से निकल रही कृष्णावती नदी और दोहान नदी महेंद्रगढ़ जिले से होकर बहती थी लेकिन राजस्थान सरकार द्वारा अपने क्षेत्र में बांधों की श्रृंखला के निर्माण के कारण इन नदियों का प्रवाह कम हो गया था। इसलिए क्षेत्र में भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया। क्षेत्र में भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए इन नदियों में अन्य माध्यमों से रीचार्ज करने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।कृष्णावती नदी से कटकई तक पहुंचा पानी
अटेली जिले के गांव बडकोड़ा के पास कृष्णावती नदी को रीचार्ज करने की योजना शुरू की गई है। वर्तमान में अंतिम गांव यानी कटकई तक पानी पहुंच गया है। इससे गांव बड़कोड़ा, कुतबापुर, शहरपुर, नूनी कलां, सलूनी, दुबलाना, मित्रपुरा, खत्रीपुर, सागरपुर, जाट गुवाना, सिलारपुर और कटकई को विशेष फायदा होगा। दूसरी तरफ रीचार्जिंग के लिए एक अन्य योजना गांव कोजिंदा के पास चल रही है। नोलपुर की तरफ से कृष्णावती नदी में 6 किलोमीटर की लंबाई में पानी फैल गया है इससे गांव शाहपुर- (मांदी), ढाणी कोजिंदा, कोजिंदा, सेका और पटीकारा सहित कई गांव को फायदा होगा।
गांव तोताहेड़ी के पास कृष्णावती नदी तक तल में 4 किमी से अधिक लंबाई में पानी फैला हुआ है। वही गांव नांगल कालिया के पास नदी के तल में लगभग 3 किमी लंबाई में पानी फैला हुआ है। कृष्णावती नदी को ग्राम राता से मानपुरा तक पुनर्जीवित करने की योजना पूर्ण की गई। इस योजना से 5 गांव राता कलां, मोहलड़ा, गोमला, मोड़ी व मानपुरा आदि गांव लाभान्वित होंगे।
दोहान नदी का पानी बेरी तक पहुंचा
गांव डेरोली अहीर के पास नारनौल ब्रांच पर एस्केप चैनल से लगभग 100 क्यूशिक पानी छोड़ा जा रहा है। दोहान नदी का पानी गांव बेरी तक पहुंच गया है। इससे गांव डेरोली अहीर, डेरोली जाट, कोथल कलां, कोथल खुर्द व बेरी लाभान्वित होंगे। हसनपुर से हमीदपुर बांध में नियमित रूप से लगभग 35 क्यूशिक पानी जारी किया जा रहा है जिससे गांव हमीदपुर, खटोटी, मकसूसपुर, गहली, महरमपुर आदि लाभान्वित हो रहे हैं। दोचाना से महरमपुर व जखानी गांव के पास दोहन नदी में नियमित रूप से लगभग पानी छोड़ा जा रहा है जिससे महरमपुर, जाखनी, खोड़मा, बापड़ोली, नांगल काठा आदि गांवों को फायदा हो रहा है। वहीं गुलावाला माइनर टेल से गांव गुलावाला के पास दोहान नदी तक पानी चालू किया गया है। यह नदी में गुलावाला तालाब को रीचार्ज करने और भरने में मदद कर रही है। इससे गांव गुलावाला और कुक्सी लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार रीचार्जिंग उद्देश्यों के लिए महेंद्रगढ़ से दोहान नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे ग्राम भगड़ाणा व पाली आदि लाभान्वित होंगे।
शोभासागर तालाब, छोटा व बड़ा तालाब भरे जा रहे
शहर के शोभासागर और छोटा-बड़ा तालाब में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। उनके भरने से नारनौल शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों के भूजल स्तर को रिचार्ज करने में मदद मिली है।कृष्णावती और दोहान नदी के तल में 50 जगह पर इंजेक्शन प्रणाली स्थापित की गई है। आसपास के क्षेत्र को लाभान्वित करने वाले भूजल को रिचार्ज करने के लिए नहर का पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में विभिन्न चैनलों से महेंद्रगढ़ नहर प्रणाली से जुड़े 350 गांव में तालाब हैं। वर्तमान में सभी भरे जा रहे हैं। 200 तालाबों में से अब तक 120 तालाबों की क्षमता बढ़ा दी गई है। फिलहाल तीन तालाबों पर कार्य प्रगति पर है। शेष तालाबों को शीघ्र ही बढ़ाया जाएगा। इससे क्षेत्र में भूजल स्तर को ऊपर उठाने में फायदा होगा। इस योजना के अंतर्गत दिसंबर 2021 को कार्य पूर्ण होने की संभावना है। इसके अलावा 46 चेक डैम पहले ही बनाए जा चुके हैं। जिनकी कुल लंबाई लगभग 9 एमसीएम की कुल क्षमता के साथ लगभग 46 किलोमीटर है। भारी बारिश के दौरान ये रेतीले क्षेत्र को रिचार्ज करने में भी मदद कर रहे हैं।
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