एयरफोर्स के अधिकारियों ने कहा- अंगदान कर अंकित ने सेना के लिए की मिसाल कायम की है। दो वर्ष की ट्रेनिंग के बाद एयरफोर्स का जवान अंकित यादव घर लौटा था। गांव खामपुरा में अंतिम संस्कार हुआ। सेना के अधिकारियों और ग्रामीणों ने जवान को तिरंगे के साथ अंतिम गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
हरियाणा के नारनौल में सीहमा ब्लॉक के गांव खामपुरा का 15 टाट्रा यूनिट एयरफोर्स बंगलूरू की दो साल की ट्रेनिंग पूरी करके अपने गांव खामपुरा लौटा 20 वर्षीय जवान एक सड़क हादसे के बाद आरआर अस्पताल दिल्ली में उपचाराधीन था। उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जवान के पिता राधेश्याम ने बताया कि अंकित उनका इकलौता पुत्र था। उनकी एक बड़ी पुत्री अविवाहित है।
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दो वर्ष पूर्व अंकित यादव का एयरफोर्स में चयन होने पर परिजनों व ग्रामीणों में खुशी का माहौल था। अंकित दो वर्ष की एयरफोर्स की ट्रेनिंग पूरी करके गांव लौटा था। 8 मई को हुए एक सड़क हादसे के बाद घायल अंकित को उपचार के लिए परिजनों ने विभिन्न अस्पतालों में जयपुर दिल्ली दाखिल करवाया गया। अब अंतिम समय में आरआर अस्पताल दिल्ली में उपचाराधीन घायल जवान अंकित यादव ने मंगलवार को अंतिम सांस ली।
अंकित यादव के परिजनों ने उसके शरीर के दाह संस्कार से पूर्व उसके सभी अंगों को अस्पताल में दान कर दिया, ताकि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काम आ सके। बुधवार देर सायं एयरफोर्स के अधिकारियों व ग्रामीणों की उपस्थिति में अंकित यादव के पार्थिव देह का अंतिम संस्कार उसके गांव खामपुरा में राजकीय सम्मान तिरंगे के साथ किया गया। इससे पूर्व वायुसेना हेड क्वार्टर दिल्ली व बंगलूरू से जवान के अंतिम संस्कार में उसके गांव खामपुरा पहुंचे जेडब्ल्यूओ एस मलिक व उनकी टुकड़ी के जवानों ने शिरकत की।
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एस मलिक ने कहा कि एयरफोर्स को अपने जवान अंकित यादव पर गर्व रहेगा कि मरने के बाद भी उसके शरीर के महत्वपूर्ण अंग जरूरतमंद के काम आ सकेंगे। एयरफोर्स के अधिकारी एस मलिक, रिटायर्ड मेजर ईश्वर सिंह, सूबेदार ओमप्रकाश, सूबेदार महिपाल सिंह, एडवोकेट हेमंत सिहमा, फैजाबाद पुलिस चौकी इंचार्ज श्वीना, पंच देवेंद्र सिंह, हरिओम जिलेदार सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जवान के शरीर को तिरंगे के साथ अंतिम गार्ड ऑफ ऑनर व पुष्पांजलि देकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर सैकड़ों लोग उपस्थित थे।