नारनौल। राष्ट्रीय जनगणना अभियान अब डिजिटल दायरे से निकलकर घर-घर पहुंचने जा रहा है। एक मई से प्रगणक और पर्यवेक्षक नागरिकों के घरों पर जाकर हाउस लिस्टिंग के तहत डेटा संग्रह शुरू करेंगे। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि यह प्रक्रिया आने वाले दशक के विकास और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण की आधारशिला है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी देकर सहयोग करें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम के तहत गलत जानकारी देना या सहयोग न करना दंडनीय अपराध है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी सूचनाएं पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएंगी।
प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं और फील्ड में टीमों को तैनात किया गया है। किसी भी तकनीकी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी सक्रिय कर दिया गया है।
उपायुक्त ने इसे राष्ट्रीय महत्व का अभियान बताते हुए लोगों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर बेहतर योजनाएं बनाकर क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।