छह वर्ष पूर्व नगरपालिका चुनाव के दौरान व्यक्ति के साथ मारपीट के आरोपी को न्यायालय द्वारा छह वर्ष बाद सजा दी गई। न्यायालय द्वारा शहर निवासी रामस्वरूप के विरुद्ध निर्णय सुनाते हुए छह माह की सजा और 1500 रुपये जुर्माना का निर्णय सुनाया।
बता दें कि नगरपालिका के चुनाव के दौरान रामस्वरूप द्वारा सुशील शर्मा को रोककर मारपीट की गई थी। 5 अगस्त 2015 को सुशील शर्मा के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस द्वारा कोर्ट में चालान पेश करने के उपरांत इस पूरे मामले की सुनवाई लगभग 6 वर्ष तक न्यायपालिका में चली। इस मामले में 2 दिसंबर को न्यायाधीश सोहनलाल मलिक ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता दिवाकर शर्मा नारनौल, रणबीर यादव महेंद्रगढ़ की दलीलों को सही ठहराते हुए अभियुक्त रामस्वरूप को दोषी करार दिया। छह दिसंबर को न्यायाधीश ने निर्णय सुनाते हुए पुन: पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सही ठहराते हुए रामस्वरूप को छह माह की सजा और 1500 का जुर्माना लगाया।