नांगल चौधरी। नांगल चौधरी में जर्जर हो चुके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की जगह अब नया भवन बनाया जाएगा। यह सीएचसी भवन करीब तीन मंजिला होगा।
पहले से बने एस्टीमेट में संशोधन किया गया है। संशोधित अनुमान को अब दोबारा स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। भवन में लगभग सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए नांगल चौधरी में 26 मई 1967 को भवन का निर्माण किया गया था। इसका उद्घाटन हरियाणा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जसवंत सिंह ने किया था।
क्षेत्र के 90 गावों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने नांगल चौधरी खंड मुख्यालय पर एक सीएचसी व गांव आंतरी, सिरोही, बुढवाल व बायल गांव सहित कुल 6 पीएचसी व 27 उपस्वास्थ्य केंद्र खोले हुए हैं। जिनमें लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है। धीरे-धीरे समय बीतने के साथ नांगल चौधरी स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर होता चला गया।
इसे करीब पांच साल पहले कंडम घोषित किया चुका है। इसके बाद भी कर्मचारियों व चिकित्सकों को कंडम भवन में काम करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि अस्पताल के नए भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा 16 करोड़ रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत और पीडब्लूडी को ट्रांसफर की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
बता दें कि नांगल चौधरी सीएचसी भवन जर्जर होने के बाद चौधरी बैजनाथ चेरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से दो करोड़ की लागत से एक अस्पताल भवन बनवाकर सरकार को सौंपा गया था। ताकि आने वाले मरीजों को बिना किसी परेशानी के अच्छे से इलाज मिल सके। दो करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित चार मंजिला मैटरनिटी अस्पताल में करीब 35 कमरे हैं।
ट्रस्ट द्वारा सभी कमरों में बेड उपलब्ध कराए गए थे। इसमें ओपीडी चल रही है, लेकिन अभी भी जर्जर भवन में लैब, एक्सरे व आयुष विभाग सहित अन्य कई सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसमें कोरोना वार्ड भी बनाया गया है। पुराने भवन की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। छत से प्लास्टर गिर रहा है और बारिश में पानी टपकता है।
वर्जन
नांगल चौधरी में बनने वाला सीएचसी का नया भवन मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। विभाग द्वारा इसको ध्यान में रखते हुए पहले से बने एस्टीमेट में संशोधन किया गया है। संशोधित अनुमान को अब दोबारा स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। भवन निर्माण कार्य की प्रक्रिया संशोधन के अप्रूवल के बाद शुरू हो पाएगी।- जितेंद्र शर्मा, जेई पीडब्ल्यूडी।