ग्रामीणों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करती नशा मुक्ति टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने गांव परखोतमपुर, जाटूसाना व सुमाखेड़ा में जाकर ग्रामीणों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। नशामुक्ति टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की काउंसिलिंग करवाकर डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है।
नशा मुक्ति टीम ने अब तक नशे से पीड़ित 186 लोगों की पहचान की है जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित है। इसके अलावा 61 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।
निरीक्षक रामपाल ने बताया कि पुलिस और आमजन अगर आपस में तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं वहीं पर अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि नशा एक अभिशाप है इसका मिलकर बहिष्कार करें। अगर आपके पास किसी प्रकार की नशे संबंधी सूचना है कोई व्यक्ति नशे का प्रयोग करता है या नशे की सप्लाई इत्यादि करता है तो इस बारे पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 1933 या 112 नंबर पर सूचित करें।