महेंद्रगढ़। शहर में शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन पर एसडीएम योगेश सैनी ने रविवार को नागरिकों के साथ बैठक की। बंदरों के आतंक से मुक्ति पाने के लिए मदद की आस लेकर पहुंचे लोगों को एसडीएम ने सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य पदार्थ डालने से परहेज की नसीहत दी और लोगों से ही सहयोग मांगकर वापस लौटा दिया। बैठक में बंदरों की समस्या पर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
शहर निवासी सुशील शर्मा को शनिवार को बंदरों ने घायल कर दिया। इसके बाद लोगों ने बालाजी चौक पर जाम लगा दिया और समाधान की मांग की। बाद में एसडीएम ने रविवार को बैठक कर समाधान निकालने का आश्वासन देकर लोगों को धरने से उठाया।
रविवार सुबह 11 बजे एसडीएम योगेश सैनी के आवास पर बैठक हुई। बाद में उन्होंने इस घटना पर चिंता जताई और लावारिस पशुओं की संख्या करने पर चर्चा की। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इस अभियान की सफलता के लिए आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से पशुओं को सड़कों पर खुला न छोड़ने और आवासीय क्षेत्र में खाने का सामान न डालने की अपील की। अपील सुनते ही नागरिक पिघल गए और अपने घर लौट गए। बैठक में एसडीएम ने नागरिकों की समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला।
बैठक में सुरेश सैनी प्रधान सैनी सभा, लक्ष्मीनारायण सैनी प्रधान हलवाई यूनियन, दिनेश वैद्य प्रधान ब्राह्मण सभा,जयप्रकाश मिश्रा, महाबीर भांडोरिया पूर्व प्रधान ब्राह्मण सभा, महेश सोनी, गोपाल अरोड़ा, अश्वनी सोनी पार्षद प्रतिनिधि, नरेश, विजय गर्ग, नरेश जोशी, अनिल तिवाड़ी, पवन तायल व नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बंदरों की जगह गाय व कुत्तों पर चली चर्चा
शहर में बंदरों का आतंक अधिक हो रहा है और हर गली व अस्पताल, स्कूल व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों के झुंड नजर आते हैं। गली में बैठ जाएं तो लोग अपना रास्ता बदल रहे हैं। वहीं, बैठक में चर्चा गाय व कुत्तों पर हुई।