फोटो संख्या:-62 अंकित सीगड़ा। संवाद
- फोटो : Archive
नांगल चौधरी। शहर में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग वार्डों और गली-मोहल्लों में इनकी संख्या बढ़ने से आम लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि पिछले छह महीने में करीब 650 लोगों को रेबीज के टीके लगवाने पड़े हैं। औसतन हर दिन तीन लोगों को कुत्ते या बंदर काट रहे हैं।
नगर पालिका ने बंदरों और कुत्तों को पकड़ने के लिए अब तक तीन बार टेंडर जारी किए, लेकिन किसी भी एजेंसी ने रुचि नहीं दिखाई। इस वजह से योजना सिर्फ कागजों में सिमटी हुई है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल जाते बच्चों, सुबह-शाम टहलने वालों और काम पर निकलने वालों को हर समय काटने का डर बना रहता है।
......................
बच्चों को अकेले भेजने में लगता है डर
आवारा कुत्तों की वजह से बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लगता है। कई बार रास्ते से गुजरते समय कुत्ते पीछे दौड़ने लगते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
-विक्रम सैनी, नांगल चौधरी
..............
बार-बार शिकायत, फिर भी वही जवाब
हम कई बार नगर पालिका को बंदर और कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित जगह छोड़ने के लिए कह चुके हैं। हर बार यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि अभी टेंडर जारी नहीं हुआ है।
-अशोक यादव, नांगल चौधरी
............
वर्जन :
नगर पालिका पहले भी तीन बार टेंडर प्रक्रिया अपना चुकी है लेकिन किसी एजेंसी या कंपनी ने काम करने में रुचि नहीं दिखाई। जल्द ही फिर से टेंडर जारी किया जाएगा, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
-ललित गोयल, सचिव, नगर पालिका, नांगल चौधरी
फोटो संख्या:-62 अंकित सीगड़ा। संवाद- फोटो : Archive
फोटो संख्या:-62 अंकित सीगड़ा। संवाद- फोटो : Archive
फोटो संख्या:-62 अंकित सीगड़ा। संवाद- फोटो : Archive