फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उद्योगों के लिए पंचायतों के पास 64998 एकड़ जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश सरकार की नई लैंड लीज पॉलिसी के तहत जिले के कई गांवों में उद्योग धंधे स्थापित किए जा सकते हैं। जिले में 64998 एकड़ के करीब जमीन पंचायतों के पास खाली पड़ी है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कुछ समय पूर्व ही गांवों में उद्योग-धंधे स्थापित करने के लिए लैंड लीज पॉलिसी की घोषणा की है। जिससे छोटे उद्योगपतियों को उद्योग स्थापित करने के लिए लीज पर जमीन मिल सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग-धंधे स्थापित हो सकेंगे।
विज्ञापन

जिला महेंद्रगढ़ की विभिन्न पंचायतों के पास 64998 एकड़ के करीब जमीन खाली पड़ी है। जिसे व्यापारी लीज पर लेकर अपने उद्योग स्थापित कर सकते हैं। जिले में 343 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें कनीना के गांव भोजावास की पंचायत के पास करीब 422 एकड़, पड़तल में 364, सतनाली के गांव पथरवा में 235, नांगल चौधरी के गांव दौखेरा में 603, महेंद्रगढ़ के गांव कोथल में 235, मंडोला में 500, आजमाबाद में 365 व गांव सलामपुरा में 238 एकड़ पंचायती जमीन है। अन्य पंचायतों के पास भी जमीन है। हालांकि जिले में आईएमटी, मेडिकल कॉलेज, लॉजिस्टिक हब निर्माण के लिए कई गांवों की जमीन सरकार ले चुकी है। वहीं छोटे व्यापारी गांवों में उक्त पंचायती जमीनों को लीज पर लेकर छोटे उद्योग स्थापित कर सकते हैं। इससे पंचायतों को लाभ होगा और गांवों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पूरे जिले का लैंड बैंक तैयार किया गया है। इसकी जानकारी सरकार के पास भेजी जाएगी। लेकिन अभी इसका पत्राचार नहीं होने के कारण देरी हो रही है। इससे पंचायतों को लाभ होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ओमप्रकाश, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नारनौल।
विज्ञापन

लैंड लीज पॉलिसी से छोटे उद्योगपतियों को राहत मिलेगी। देखना यह होगा कि इसका क्रियान्वयन कैसे होता है। इससे छोटे उद्योग-धंधे स्थापित करने वाले भी लाभ उठा सकते हैं। छोटे उद्योग के लिए कम जमीन की आवश्यकता होती है। निश्चित ही गांवों के विकास में भी यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। -चिंरजीलाल लाल, निवर्तमान सरपंच, रोपड़ सराय।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें