संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। दूध उत्पादन में दुनियाभर में देश की करीब 22 प्रतिशत भागीदारी है। वहीं, सालाना 1.19 करोड़ टन दूध उत्पादन के साथ देश के कुल उत्पादन में हरियाणा का योगदान 5.19 प्रतिशत है।
देशां म्ह देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा कहावत को चरितार्थ करते हुए प्रदेश दूध उत्पादन के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। पशुपालन और डेयरी विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 1283 ग्राम उपलब्धता के साथ पंजाब पहले, 1138 ग्राम के साथ राजस्थान दूसरे तथा 1098 ग्राम के साथ हरियाणा तीसरे पायदान पर है जबकि भारत में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उपलब्धता 459 ग्राम है। हालांकि पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश में पशुओं की संख्या के आंकड़ों में कमी आने के बावजूद भी दूध उत्पादन में वृद्धि का क्रम जारी है। इसके लिए प्रदेश में नस्ल सुधार पर बड़े स्तर पर व्यापक रूप से कार्य हुए हैं इसके परिणाम स्वरूप वर्ष 2015-16 में 877 तथा 2022-23 में प्रति व्यक्ति उपलब्धता बढ़कर 1098 ग्राम पहुंच गई।
- मुर्राह झोटों और भैंसों की विश्वभर में विशेष पहचान:
प्रदेश में दूध की खान कही जाने वाली मुर्राह नस्ल की भैंस की दूध उत्पादन में कुल 70.13 प्रतिशत भागीदारी है जबकि देसी गाय हरियाणा और साहीवाल नस्ल की 3.12 प्रतिशत कुल दूध उत्पादन में भूमिका है। म्हारे एक करोड़ रुपये के कीमती मुर्राह झोटे व 25 लाख रुपये तक मूल्य की मुर्राह भैंसों की दुनिया दीवानी है। विश्वभर में हरियाणा की मुर्राह नस्ल का डंका बजता है।
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- कुल दूध उत्पादन में प्रदेश के किस जिले की कितनी भागीदारी:
जिला योगदान (प्रतिशत में )
हिसार 8.08
जींद 6.75
सिरसा 6.72
करनाल 6.06
कैथल 5.76
भिवानी 5.65
सोनीपत 5.63
फतेहाबाद 4.83
पलवल 4.41
यमुनानगर 4.31
झज्जर 4.22
महेंद्रगढ़ 4.15
नोट : आंकड़े वर्ष 2021-22 में पशुपालन और डेयरी विभाग हरियाणा की ओर से जारी किए गए हैं।
- वर्जन:
हरियाणा दूध उत्पादन के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश की मुर्राह नस्ल की भैंस दूध की गुणवत्ता एवं उत्पादन के मामले में विश्व प्रसिद्ध है।2015-16 में 877 तथा 2022-23 में प्रति व्यक्ति उपलब्धता बढ़कर 1098 ग्राम पहुंच गई। देश की कुल पशु आबादी का 2.1 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा का है। पिछले पांच सालों के दौरान प्रदेश में नस्ल सुधार को लेकर बड़े स्तर पर काम हुआ है इसके कारण दूध उत्पादन में वृद्धि का क्रम भी जारी है।
- डॉ. नसीब सिंह, उप निदेशक, पशु पालन और डेयरी विभाग, महेंद्रगढ़।