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सर्टिफिकेट व स्कालरशिप नहीं मिली तो विद्यार्थी उतरे सड़कों पर

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किसी भी अधिकारी का वर्जन नहीं है...................
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सर्टिफिकेट और स्कालरशिप नहीं मिलने पर भड़के विद्यार्थी
नसीबपुर के पास नारनौल-दादारी नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर जताया विरोध
सड़क के दोनों ओर लगी वाहनों की कतार, वाहन चालकों और यात्रियों को हुई परेशानी
फोटो नंबर 16 से 19
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत नारनौल के नसीबपुर के प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थी कोर्स पूरा होने पर डिप्लोमा सर्टिफिकेट व स्कालरशिप नहीं देने पर भड़क गए। इसके विरोध में विद्यार्थियों ने शनिवार दोपहर करीब बारह बजे नारनौल-दादारी नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान उन्होंने सेंटर के संचालक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पर पहुंचे महावीर चौकी इंचार्ज सज्जन सिंह ने विद्यार्थियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। करीब पौने घंटे लगे जाम से सड़क मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल केंद्र नसीबपुर नारनौल में जुलाई माह में एडमिशन लिया था। इस दौरान सेेंटर संचालक ने उन्हें कोर्स के दौरान ड्रेस, कापी-किताब, स्कालरशिप और डिप्लोमा देने की बात कही थी। कोर्स की तीन माह की समय अवधि समाप्त होने के बाद भी अभी तक उनकी परीक्षा नहीं ली गई है। जबकि एक सप्ताह पूर्व ही सेंटर इंचार्ज का कार्यभार किसी अन्य को सौंप दिया गया। जोकि विद्यार्थियों को स्कालरशिप जैसी कोई स्कीम नहीं होने की बात कह रहा है। इसके विरोध स्वरूप विद्यार्थियों ने शनिवार को नारनौल-दादरी नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे महावीर चौकी इंचार्ज सज्जन सिंह ने विद्यार्थियों को इस मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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सरकार की ओर दी जा रही स्कालरशिप राशि
जाम लगा रहे विद्यार्थियों ने बताया कि सरकार की ओर से प्रत्येक बच्चे के सेंटर को 36 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। परंतु कंपनी ने उनके साथ धोखा किया है, क्योंकि एडमिशन के दौरान उन्हें स्कालरशिप सहित ड्रेस व कापी किताबों की एक किट देने की बात कही गई थी। लेकिन सेंटर की ओर से अभी तक उन्हें कुछ भी नहीं दिया गया है। जबकि उनके कोर्स की तीन माह की समय भी समाप्त हो चुकी है।
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दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
इस दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें स्कालरशिप मिले या ना मिले, परंतु उन्हें इस प्रकार झूठ बोलकर एडमिशन के लिए मजबूर करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूर की जाए। ताकि भविष्य में अन्य कोई कंपनी व सेंटर संचालक विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार धोखाधड़ी न कर पाएं।
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