नारनौल। जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन व सक्षम युवाओं के सहयोग से चलाए जा रहे ग्रामीण जल संरक्षण अभियान के तहत घर-घर जाकर पेयजल संबंधी डाटा एकत्रित किया जा रहा है। साथ ही सभी घरों का पेयजल संबंधी डाटा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जा रहा है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि जल का बेहतर प्रबंध हो, सभी को पीने लायक स्वच्छ पानी उपलब्ध हो, इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम व ग्रामीण जल संरक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। दोनों कार्यक्रमों के तहत लोगों के पेयजल कनेक्शन संबंधित जानकारी ऑनलाइन करने के साथ ही पानी बचाने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सभी पेयजल उपभोक्ताओं को अपने पेयजल कनेक्शन से संबंधित पूरी जानकारी को विभागीय वेबसाइट पर अपडेट करवानी चाहिए। इसी आधार पर पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए कोई प्रभावी योजना बनाई जा सके। इसे लागू करवाकर पेयजल आपूर्ति को और अधिक बेहतर बनाकर सभी को पर्याप्त और स्वच्छ पीने लायक पानी उपलब्ध करवाया जा सके।
जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने कहा कि उपभोक्ता की पहचान के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट का डाटा स्वच्छ भारत मिशन के तहत जुटाए गए डाटा से मैच किया जा रहा है। साथ ही वेबसाइट पर उपभोक्ता का नाम नहीं मिलने की स्थिति में उसका विवरण लिखित में नोट किया जा रहा है।
तीन हजार से अधिक घरों में पहुंची टीमें
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत अभियान का आगाज चार अप्रैल से किया गया था। जिले के विभिन्न गांवों में कार्यरत टीमें 18 दिनों में तीन हजार 171 घरों तक पहुंच चुकी हैं। इसके तहत टीमों ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट पर तीन हजार 171 घरों का पेयजल डाटा ऑनलाइन किया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जुटाए गए डाटा को दो हजार 368 घरों से मैप करवाया जा चुका है।
ऑनलाइन सर्वे में भागीदारी नहीं करने पर हो सकती है परेशानी
अधीक्षक अभियंता ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के ऑनलाइन सर्वे में सभी पेयजल उपभोक्ताओं को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करवाते हुए अपना पेयजल डाटा ऑनलाइन करवाना है। कोई उपभोक्ता इस कार्य में सहयोग या भागीदारी नहीं करता है तो भविष्य में उसे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।