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बिना मुखिया के चल रहे 13 कॉलेज

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राजकीय पीजी कॉलेज नारनौल। - फोटो : Narnol
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जिले के तमाम कॉलेज पिछले लंबे समय से बिना मुखिया के ही चल रहे हैं। महेंद्रगढ़ राजकीय कॉलेज को छोड़कर सभी 13 कॉलेजों में अस्थायी प्राचार्य लगाए गए हैं।
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जिले में 14 राजकीय कॉलेज है। जिसमें महेंद्रगढ़ कॉलेज के प्राचार्य मनीराम लांबा को महेंद्रगढ़ कॉलेज के साथ-साथ नारनौल पीजी कॉलेज व महिला कॉलेज का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। इसी प्रकार लोहारू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उमेश मोहन को सतनाली कॉलेज प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जिन प्राध्यापकों को कॉलेज में अस्थायी प्राचार्य का कार्यभार दिया गया है वे न तो सही प्रकार ने अपना शैक्षणिक कार्य कर पा रहे है और न ही कॉलेज के अन्य कार्य। कॉलेजों में विकास के नए कार्य भी नहीं हो पा रहे है और न ही कोई योजना बन पा रही है। वहीं स्थायी प्राचार्य को कभी बजट के संबंध में तो कभी विभाग संबंधित अन्य कार्य के लिए एक दिन इस कॉलेज तो एक दिन उस कॉलेज में चक्कर लगाने पड़ते है।
जिले का सबसे पुराना और बड़ा कॉलेज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भी कई साल से बिना मुखिया के ही चल रहा है। कई साल से यह कॉलेज कार्यवाहक प्राचार्य के सहारे ही चल रहा है। जबकि जिले के अन्य कॉलेजों के मुकाबले यहां यूजी व पीजी कोर्स की सबसे अधिक सीटें और संकाय है। इस कारण यहां विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक है। यहां जिले से बाहर के विद्यार्थी भी पढ़ने के लिए आते हैं। इस कॉलेज से जिले ही नहीं प्रदेश के मंत्री व विधायक भी पढ़कर निकले है।
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महेंद्रगढ़ कॉलेज के अलावा नारनौल पीजी कॉलेज और महिला कॉलेज का कार्यभार भी मेरे पास है। दोनों कॉलेजों में कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त हैं। फिर भी मैं दोनों कॉलेजों में जाता हूं। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया ठीक प्रकार से चल रही है। -मनीराम लांबा, प्राचार्य राजकीय कॉलेज, महेंद्रगढ़।
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