लालगढ़ (राजस्थान) से चलकर जींद के रास्ते गुवाहाटी (असम) को जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस गाड़ी में जींद जिले में छह अक्तूबर को एक पूरी बोगी में न केवल यात्रियों के साथ लूट हुई, बल्कि उनसे मारपीट करते हुए चार पर तेजधार हथियार से वार भी किए गए।
राजकीय रेलवे पुलिस ने इस घटना में कार्रवाई करने की बजाय रेलवे अस्पताल के स्टाफ की मदद से उस पर पर्दा डाल दिया। न पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही चार यात्रियों का इलाज करने वाले डॉक्टर ने ही अपना फर्ज पूरी तरह निभाया।
यात्रियों को प्राथमिक उपचार देकर उन्हें गाड़ी में दिल्ली के लिए चलता कर दिया ताकि गाड़ी दिल्ली पहुंचने में लेट न हो जाए और हाईकमान को वारदात का पता न चल पाए। गाड़ी में लूट, मारपीट और चाकूबाजी हुई और पुलिस इस मामले को छोटा कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। वहीं, जींद के स्टेशन अधीक्षक अनिल ने जींद रेलवे पुलिस को तत्काल मेमो भी भेजा कि यात्रियों को चोटिल करके अवध असम एक्सप्रेस में धमतान साहिब और धरौदी रेलवे स्टेशन के बीच एक सामान्य श्रेणी की बोगी में लूट हुई है। लुटेरे चेन पुलिंग करके भाग गए हैं। इसके बावजूद मामले को किरकिरी से बचने के लिए दफन कर दिया।
यूं मचाया था लुटेरों ने आतंक
रेलवे सूत्रों के मुताबिक गत छह अक्तूबर को अवध असम एक्सप्रेस गाड़ी सुबह लगभग साढ़े तीन बजे टोहाना रेलवे स्टेशन से जींद के लिए रवाना हुई। इस दौरान दो-तीन लुटेरे इंजन के साथ वाली दूसरी सामान्य श्रेणी की बोगी में सवार हो गए। इन लुटेरों ने टोहाना से गाड़ी चलते ही धरौदी और धमतान साहिब रेलवे स्टेशन के बीच हथियारों के बल पर लूटपाट करनी शुरू कर दी। लूटपाट और चार यात्रियों को घायल करने के बाद वे चेन पुलिंग कर फरार हो गए। गार्ड और इंजन स्टाफ ने घटना की जानकारी तत्काल जींद स्टेशन अधीक्षक कार्यालय को दी और कहा कि चार जख्मी यात्रियों के लिए इलाज की व्यवस्था करवाई जाए। बताया जा रहा है कि पौने पांच बजे ट्रेन जींद रेलवे स्टेशन पहुंच गई। स्टेशन अधीक्षक अनिल की सूचना पर रेलवे पुलिस भी आ गई। चारों घायलों का रेलवे अस्पताल में इलाज करवाया गया। इस दौरान कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
उसी दिन सुबह राजकीय रेलवे पुलिस को मेमो भेजकर मामले से अवगत करा दिया गया था। मेमो मिलने के बाद पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और चोटिल हुए चार यात्रियों को रेलवे के अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा दी गई।
- अनिल, स्टेशन अधीक्षक, जींद
इतना बड़ा मामला नहीं था। धरौदी और धमतान साहिब रेलवे स्टेशन के बीच अवध असम एक्सप्रेस गाड़ी की चेन पुलिंग जरूर हुई थी। यात्रियों को छोटी मोटी चोटें थी, जिनका प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें भेज दिया। कोई चोटिल यात्री मामला दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हुआ। स्टेशन अधीक्षक ने कोई मेमो भेजी तो मुझे पता नहीं है।
- इंद्रजीत सिंह, एसएचओ, राजकीय रेलवे पुलिस
चार घायल यात्रियों को प्राथमिक इलाज दिया गया था। उन सभी की बॉडी पर जख्म थे। मामला दर्ज करना पुलिस को काम है। पुलिस कर्मचारी भी मौके पर अस्पताल में थे।
- डॉ. देवेंद्र गुप्ता, रेलवे अस्पताल