पिछले ग्यारह दिन से हरियाणा के जींद के किनाना की राजकीय कन्या पाठशाला की तालाबंदी को एक गुट ने अपनी नाक का सवाल बना लिया है। प्रशासन द्वारा दो बार ग्रामीणों से तालाबंदी खोलने के लिए अनुरोध किया जा चुका है।
बावजूद इसके तालाबंदी करने वाला गुट इस जिद्द पर अड़ा है कि पहले रास्ते के कब्जे खाली कराए जाएं फिर गेट का ताला खुलेगा। ऐसे में प्रशासन के पास एक मात्र विकल्प यह है कि सख्ती से निपटा जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है गांव की 90 प्रतिशत पंचायती व शामलात जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इस बारे में अधिकारी बुधवार को गांव में जाकर ग्रामीणों को अवगत भी करा चुके हैं।
26 अगस्त को किनाना गांव की कन्या प्राथमिक पाठशाला पर ग्रामीणों ने यह कहकर ताला लगा दिया था कि स्कूल में आने-जाने के लिए लड़कियों का रास्ता नहीं है। पहले ही दिन प्रशासन ने तहसीलदार को मौके पर भेजा और ग्रामीणों से इसकी जानकारी ली।
तालाबंदी करने वाले लोगों ने यह कहा कि अधिकारी मौके पर आकर मामले को सुलटा सकते हैं। प्रशासन ने अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जींद के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचके शर्मा के नेतृत्व में 4 सितंबर को गांव भेजा।
प्रतिनिधिमंडल को ग्रामीणों ने आश्वासन दिया कि पंचायत करके सर्वमान्य हल निकाल लेंगे। बुधवार देर शाम तक पंचायतों का दौर चलता रहा। धरने के विरोधी गुट ने कहा कि मामला इतना बड़ा नहीं है, जितना की दूसरे गुट ने बना दिया है। इस गुट ने भरी पंचायत में यह कहा कि बातचीत आगे तभी होगी जब पहले गेट का ताला खोला जाएगा। हालांकि दूसरे गुट ने ऐसा करने से मना कर दिया।
अवैध कब्जों की जांच जारी
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जींद प्रशासन यह जांच करवा रहा है कि कितनी सरकारी जमीन पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। एक अधिकारी का दावा है कि जो लोग धरना दे रहे हैं, वे भी अवैध कब्जेधारी हैं। कब्जे करके लोगों ने पक्के निर्माण तक किए हुए हैं। फिर गांव के दो-चार परिवारों को निशाना बनाकर स्कूल गेट पर तालाबंदी क्यों कर रखी है। अधिकारियों का कहना है कि एक गुट ने स्कूल की तालाबंदी को नाक का सवाल बना लिया है, जो गलत है।
ग्रामीणों को फिर से सर्वमान्य हल निकालने को कहा जा रहा है। ग्रामीणों को बुधवार की बैठक में यह भी बताया गया था कि गांव की सरकारी जमीन पर काफी लोगों ने अवैध कब्जे स्थापित करके पक्के निर्माण तक कर रखे हैं। ग्रामीण अपनी मांग पर टस से मस नहीं हो रहे हैं।
-एचके शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी