हरियाणा के जिले अंबाला में रविवार शाम आए तूफान ने ट्विनसिटी में खासी तबाही मचा दी। आंधी के कारण जिले में सत्तर से अधिक पेड़ और तार गिर गए।
तार गिरने से पूरे शहर की बत्ती गुल हो गई। थोड़ी देर के लिए रेलवे को भी ब्रेकडाउन करना पड़ा। शताब्दी समेत तीन मेल ट्रेनें एक से डेढ़ घंटा लेट हो गई।
इस वजह से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, अंबाला मंडल के अंतर्गत नंगल डैम-उना सेक्शन अभी ओएचई लाइन टूटने से बंद है।
इस अंधड़ में वे लोग संभल नहीं पाए जो बाजारों में घूम रहे थे। सभी लोग सड़कों से इधर-उधर किसी आश्रय की ओर भागे। जबकि दुकानदारों के होर्डिंग्स हवा में उड़कर कई किलोमीटर दूर जाकर लगे।
पेड़ों की टूटी टहनियों से हाईवे पर गुजर रहे वाहन बाल-बाल बचे।
कैंट में ट्रेड फेयर तबाह, लाखों का नुकसान
छावनी के गांधी मैदान लगाया गया मेगा ट्रेड फेयर पूरी तरह तबाह हो गया। पंडाल में अपने स्टाल लगाकर बैठे कारोबारियों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
इस अंधड़ से पूरे इलाके में काफी लंबा-चौड़ा फैला पूरा पंडाल व दुकानों के चैंबर उड़ गए। उनमें पड़ा कांच, पोट व अन्य तरह का सामान गिरकर टूट गया। पूरे ट्रेड फेयर में एकदम अंधेरा छा गया और वहां आए लोगों में भगदड़ मच गई।
झूले में बैठे लोग बाल-बाल बचे, एक विशाल झूला टेड़ा हो गया और पलटते-पलटते बचा। यदि ऐसा होता, तो बहुत बड़ा नुकसान होता।
जब आंधी थमा, तो आयोजक ये देखकर हैरान थे कि वहां बेचने के लिए रखा सामान अधिकतर गायब था और सारे तंबू, विशाल मिक्की माऊस का हवाई झूला भी गायब था।
इतने विशाल हवाई झूले का नामोनिशान भी नहीं था और सारा सामान टूटफूट गया।
वामन द्वादशी मेले में मची अफरा-तफरी
शहर के पुरानी अनाजमंडी में चले रहे विशाल वामन द्वादशी मेले का रंगारंग कार्यक्रम भी अंधड़ की वजह से प्रभावित हुआ। भगवान वामन के पंडाल को तो कुछ नहीं हुआ, बस आंधी की वजह से पंडाल जरूर थोड़ा हिला।
अचानक वहां श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई। सभी श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे और आयोजक माइक से श्रद्धालुओं को संयम बरतने की सलाह देते रहे और भगवान वामने के नारे लगाते रहे।
आयोजक कमेटी के सदस्य बृजलाल सिंगला, रतनलाल अग्रवाल, सतीश चंद, राजकुमार अग्रवाल, मुकेश, युधिष्ठिर कुमार, आदर्श अग्रवाल, मोहनलाल अग्रवाल, गुलशन कुमार व दिनेश गोयल ने बताया कि अंधड़ की वजह से मेला थोड़ा प्रभावित हुआ।
मगर भगवान की कृपा यह रही कि यहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। उनके अनुसार देररात सांस्कृतिक कार्यक्रम व आतिशबाजी का कार्यक्रम फिर से शुरू किया गया, जो देररात तक चलता रहा।
हाईवे पर पलटा दूध का टैंकर
अंबाला-हिसार मुख्यमार्ग पर दूध से भरा टैंकर भी अंधड़ की वजह से अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना बड़ा था, लेकिन फिर भी टैंकर के आसपास से गुजर रहे अन्य वाहन बाल-बाल बच गए।
जानकारी के अनुसार ये टैंकर अंबाला-हिसार रोड से गुजर रहा था दुर्गा नगर के पास तेज अंधड़ की वजह से आगे दिखना बंद हो गया। लाइटें भी गुल हो गई।
देखते ही देखते टैंकर चालक अनियंत्रित हो गया और ये टैंकर साइड में पलट गया। इस वजह से देररात तक हाइवे का ट्रैफिक प्रभावित रहा और सरक-सरक कर निकलता रहा।
रातभर बिजली रही गुल, तारें टूटी
छावनी में साढ़े आठ बजे से ही बिजली का ब्रेकडाउन हो गया। कई खंभों की तारें टूट गई और पूरे जिले की बिजली गुल रही। लोगों को अंधेरे की वजह से बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिजली महकमे के कर्मचारी व अफसर देररात तक जिले भर में टूटी तारों का मुआयना करते रहे। देररात तक बिजली गुल रही।
ये ट्रेने हुई प्रभावित
इस ब्रेकडाउन की वजह से चंडीगढ़ से चलने वाली शताब्दी 12057 चंडीगढ़-घग्गर के बीच एक घंटा खड़ी रही। ट्रेन नंबर 14554 उना-नंगलडैम के बीच साढ़े आठ बजे से देररात तक खड़ी रही।
जबकि 12312 कालका मेल को डेढ़ घंटा लेट कर दिया गया है। इस आंधी से रेल महकमे में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही। क्योंकि नंगलडैम व उना सेक्शन ठप हो गया।