पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सिविल सर्विस (ज्यूडिशियल सेवा) के परीक्षार्थियों को राहत देकर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन दाखिल करने की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
नई दिल्ली रोहिणी निवासी अनिरुद्ध समेत 24 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस हेमंत गुप्ता एवं जस्टिस रित बाहरी पर आधारित खंडपीठ ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) को यह निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने एचपीएससी को निर्देश जारी किए कि आयोग अवधि बढ़ाए जाने की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित करे। इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों को आवेदन फॉर्म जारी करने के आदेश भी आयोग को जारी हुए हैं।
यह दी थी दलील
मामले की सुनवाई के दौरान याची पक्ष के वकील ने हाईकोर्ट में दलील दी कि एचसीएस की मुख्य परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए आवेदन दाखिल करने की सोमवार को अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी।
उन्होंने कहा कि आयोग ने कट ऑफ मार्क्स न लेने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन फॉर्म जारी नहीं किए हैं, जो कि गैरकानूनी है। हाईकोर्ट ने सभी याचियों की दलीलें सुनने के बाद आवेदन फॉर्म दाखिल करने की अवधि की बढ़ोतरी के निर्देश जारी कर दिए।
क्या है मामला
नई दिल्ली निवासी अनिरुद्ध एवं अन्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर 17 मार्च 2013 को आयोजित की गई प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
याचिका में दलील दी गई है कि आयोग ने आंसर के साथ की गई छेड़छाड़ का हवाला देकर प्रारंभिक परीक्षा को गैरकानूनी करार दिया है।
याचिका में कहा गया है कि एचपीएससी ने 17 दिसंबर 2012 को इसके लिए आवेदन जारी किया था। 17 मार्च 2013 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई और 24 मार्च को आयोग ने इसके परिणाम घोषित कर दिए।
सामान्य श्रेणी के कट ऑफ मार्क्स 309.6 घोषित किए गए। इसके बाद आयोग ने 22 अप्रैल को मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की।
याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि जब तक मामला हाईकोर्ट में चल रहा है, तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।