कुरुक्षेत्र। मासूम प्रिंस उपचार के दौरान अस्पताल के बैड पर बैठा हुआ। संस्थान
कुरुक्षेत्र। सीएचसी मथाना की टीम ने एक सात वर्षीय मासूम को नई जिंदगी दी है। मासूम प्रिंस के दिल में जन्म से ही छेद था जिसकी पहचान कर टीम ने निजी अस्पताल की मदद लेकर उसका नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया और बच्चे को नया जीवन दिया।
डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि प्रिंस को जन्म से ही हृदय संबंधी समस्या थी। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी की शिकायत रहती थी जिसकी जांच की गई तो पाया कि उसके दिल में छेद है। इसके बाद राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत टीम-47 (सीएचसी मथाना) की ओर से नियमित बच्चे की निरंतर निगरानी की गई और उसका उपचार शुरू किया। उसके बाद बच्चे को उच्च स्तरीय उपचार के लिए निजी अस्पताल की मदद ली गई और उसे इंडस हॉस्पिटल, मोहाली रेफर किया गया। इंडस हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने प्रिंस के दिल का सफल ऑपरेशन किया। पूरा उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क किया गया जिससे परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
उप सिविल सर्जन डॉ. करुणा ढींगरा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात दोष, रोग, कमियां और विकास में देरी जैसी समस्याओं की समय पर पहचान कर उनका नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य करवाएं, ताकि गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
बच्चे के परिवार ने सीएचसी मथाना की टीम, स्वास्थ्य विभाग और इंडस हॉस्पिटल मोहाली के चिकित्सकों का आभार जताया। परिवार ने कहा कि यह उपचार उनके लिए नई जिंदगी मिलने जैसा है।
कुरुक्षेत्र। मासूम प्रिंस उपचार के दौरान अस्पताल के बैड पर बैठा हुआ। संस्थान