गेहूं का सीजन निपटा, अटके 20 करोड़
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प्रदेश सरकार ने भले ही गेहूं खरीद के 72 घंटे में भुगतान के दावे किए हो, लेकिन पूरा सीजन निपट जाने पर भी यह दावे हकीकत नहीं बन पाए। हालात यह है कि सीजन निपटने की स्थिति में पहुंच चुका है। इसके बावजूद अभी भी किसानों के करीब 20 करोड़ रुपये अटके हुए हैं। किसानों व आढ़तियों की मानें तो 20 अप्रैल के बाद खरीद एजेंसियां कोई भुगतान नहीं कर पाई हैं, जबकि रविवार को भी छुट्टी के चलते अगले तीन दिनों तक कोई भुगतान होने की संभावना नहीं जताई जा रही है। समय पर भुगतान न होने से आढ़तियों से लेकर किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं सरकार के दावों की हकीकत भी सामने आ रही है।
बता दें कि सीजन की शुरुआत में भी 15 दिनों तक खरीद एजेंसियां भुगतान नहीं कर पाई थीं। जब किसान व आढ़तियों का गुस्सा बढ़ने लगा तो रविवार को भी ट्रेजरी खुलवा भुगतान जारी किया गया जबकि इसके उपरांत फिर से भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही है। जहां सरकारी खरीद एजेंसी डीएफएससी भी 17 अप्रैल के बाद अब तक भुगतान नहीं कर पाई है वहीं दूसरी एजेंसी भी 20 अप्रैल के बाद भुगतान नहीं कर सकी। ऐसे में किसानों व आढ़तियों में रोष बन रहा है। उनका कहना है कि सरकार को अपने वादे व घोषणा के अनुसार ही भुगतान करना चाहिए। समय पर भुगतान न होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, अनाज मंडी में हालांकि अब जाम जैसी स्थिति नहीं रही है, लेकिन शनिवार को भी करीब एक लाख कट्टे उठान की बाट जोहते रहे। इसके साथ मौसम का मिजाज बिगड़ा देखा तो मार्केट कमेटी अधिकारियों ने उठान एजेंसियों को जल्द उठान करने के निर्देश जारी किए।
किसानों को नहीं मिल रहा भुगतान : टेक सिंह
अनाज मंडी एसोसिएशन के महासचिव टेक सिंह ने बताया कि किसानों को पिछले 10 दिनों से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। भुगतान अटकने से किसान व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान आढ़तियों के पास हर रोज गेहूं बिक्री के पैसे लेने के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा के साथ ही लौटना पड़ रहा है।
अभी तक नहीं मिली कोई शिकायत : राहुल मियो
मार्केट कमेटी सचिव राहुल मियो का कहना है कि उन्हें अभी तक भुगतान अटकने को लेकर कोई शिकायत किसानों व आढ़तियों की ओर से नहीं मिली है। लेकिन वह इसका पता करवाएंगे और अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडी से उठान कार्य निपटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।