अब कंडक्टर नहीं बल्कि मास्टर जी कहिए। यह पदनाम शिक्षक नियुक्त होने के बावजूद पिछले चार वर्षों से अधिक समय से हरियाणा रोडवेज में कार्यरत कंडक्टरों को मिला है। वे अब बसों में यात्रियों की टिकट बनाने की बजाय सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हुए नजर आएंगे। रोडवेज विभाग के अधिकारियों का मानना है कि पर्याप्त संख्या में कंडक्टर होने के कारण बस परिचालन में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
कुरुक्षेत्र डिपो से भी मास्टर बनने वाले 5 कंडक्टर हैं। उन्होंने अब जेबीटी पद पर ज्वाइन करने के लिए तैयारी कर ली है। हालांकि अधिकारी अभी उच्चाधिकारियों की ओर से कंडक्टर से मास्टर बने इन कर्मियों के नामों की सूची की इंतजार में है, लेकिन बताया जा रहा है कि स्थानीय डिपो से इन कर्मियों में रुपेंद्र, गुलाब सिंह, सुरेंद्र व प्रमोद कुमार के अलावा एक ओर कर्मी शामिल हैं।
हालांकि अभी इन कर्मियों की ओर से भी रोडवेज विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन विभाग की ओर से उनकी जगह दूसरे कंडक्टरों को नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है, ताकि बस सेवा पर कोई असर न पड़े। अधिकारियों की मानें तो डिपो में कंडक्टर पर्याप्त संख्या में होने के चलते बस सेवा पर इन कर्मियों के जाने का कोई असर नहीं पड़ेगा। डिपो में जहां 180 बसें हैं वहीं 250 ड्राइवर तो 314 कंडक्टर कार्यरत हैं। ऐसे में पांच कंडक्टर के जाने से रोडवेज विभाग व बस सेवा पर कोई असर नहीं माना जा रहा है।
अभी अधिकारिक जानकारी नहीं मिली : मेजर
डिपो के टीएम मेजर सिंह का कहना है कि अभी कंडक्टर से जेबीटी बने कर्मियों की अधिकारियों की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है। विभाग में चर्चा है कि पांच कंडक्टर जेबीटी बने हैं। उनकी ओर से भी अभी कोई सूचना नहीं मिल पाई है। बसें सामान्य रूप से चलें, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।