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पढ़ाई के लिए तैयार हम, मानेंगे सभी नियम

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कक्षा 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक फरवरी से फिर स्कूल खुलने जा रहे हैं। इस बार स्कूलों में प्रवेश के लिए मास्क और सैनिटाइजर ही नहीं, टीकाकरण का प्रमाणपत्र भी अनिवार्य होगा। बिना टीकाकरण वालों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा, चाहे वे शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी ही क्यों न हों।
स्कूल में प्रवेश के लिए कक्षा 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को अपने माता-पिता से लिखित में अनुमति लेकर आनी होगी, लेकिन फिलहाल उन्हीं विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा, जिन्हें कोरोना रोधी वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। इसके साथ ही स्कूलों में कोरोना नियमों का पालन करना जरूरी होगा। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल न खुलने से बच्चों का बहुत नुकसान हो रहा है। इसलिए सरकार का यह कदम सराहनीय है। वहीं विद्यार्थियों ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए कक्षाओें में पढ़ाई के लिए तैयार रहने की बात कही।
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उधर, जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री का कहना है कि 95 फीसदी से अधिक शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों को कोरोना रोधी टीका लग चुका है और 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के विद्यार्थियों को भी सुरक्षा कवच पहनाया जा रहा है। बिना टीकाकरण के किसी भी शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारी और विद्यार्थी का स्कूल में प्रवेश नहीं होगा। शिक्षा विभाग की ओर से अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है, लेकिन कोविड के इस दौर में बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास करेंगे।
अग्रसेन स्कूल से कक्षा 11वीं में पढ़ाई कर रही छात्रा दिव्यांशी का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई में कभी नेट बंद हो जाता है तो कभी मोबाइल रिचार्ज न होने के कारण पढ़ाई से वंचित होना पड़ता है, अब उम्मीद है कि स्कूल खुलने पर परेशानी दूर होगी और स्कूल में पढ़ाई करने का भी मौका मिलेगा।
गीता स्कूल से कक्षा 11वीं में पढ़ाई कर रहे छात्र उत्तम का कहना है कि वे कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाकर सुरक्षा कवच पहन चुके हैं। कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से बोर हो चुका हूं। अब स्कूल खुलेंगे तो नियमित कक्षा संचालित होने के साथ पढ़ाई भी शुरू होगी। वे स्कूल जाने के लिए तैयार हैं।
यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल की छात्रा भूमिका का कहना है कि जो शिक्षा स्कूल में दी जाती है वह ऑनलाइन पढ़ाई से पूरी नहीं हो पाती। कई बार सवाल बच्चों की समझ में नहीं आते और वह संकोच कर दोबारा पूछते भी नहीं हैं। स्कूल खुलने का उन्हें काफी दिनों से इंतजार है। पढ़ाई के नुकसान की भरपाई करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
आजाद नगर वासी कोमल जय भारती पब्लिक स्कूल से कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रही हैं। कोमल का कहना है कि घर पर ऑनलाइन पढ़ाई से कई तरह की परेशानी आ रही है। सरकार का स्कूल खुलने का निर्णय छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम है। इस आदेश का काफी दिनों से इंतजार किया जा रहा था।
अभिभावक रामदत्त ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी कीर्ति कक्षा 12वीं में पढ़ाई कर रही है। कोविड के चलते काफी दिनों से ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। उनकी बेटी ने भी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज भी लगवा ली है। कहा कि स्कूल खुलने से बच्चों को फायदा होगा। साथ ही स्कूलों को भी कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
आजाद नगर वासी परमानंद का कहना है उनका बेटा रितेश कक्षा 10वीं में पढ़ाई कर रहा है। कोविड के चलते पिछले लंबे समय से ऑनलाइन ही पढ़ाई चल रही है। उनके बेटे रितेश ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज भी लगवा ली है। सभी स्कूलों को नियमों का पालन करते हुए संचालन करना होगा।
हिंदी शिक्षक ओमदत्त शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई से कई बार कुछ सवाल समझ में नहीं आते हैं, अब स्कूल खुलने पर यह चिंता खत्म होगी। कहा कि सरकार के इस निर्णय से स्कूल खुलने से बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल पाएगी। सभी स्कूलों को कोरोना से बचाव के इंतजाम करते हुए कक्षाओं का संचालन करना होगा। कक्षा चलने से छात्रों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी।
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शिक्षक रघुबीर शास्त्री का कहना है कि बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल में पढ़ाई जरूरी है। स्कूल खुलने से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों से काफी हद तक निजात मिलेगी। कहा कि लंबे समय से स्कूल बंद होने के कारण अधिकतर छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं। यदि स्कूल खुल जाएंगे तो उन्हें भी पढ़ाई के साथ कोर्स पूरा करने का मौका मिलेगा। सरकार का यह फैसला छात्र हित में है।
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