पानी बचाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने पड़ेंगे, पानी बचाना भी है और लोगों को जागरूक भी करना है। ये विचार जल संसाधन प्रबंधन के वरिष्ठ विशेषज्ञ सत्यप्रिया ने व्यक्त किए। वे बृहस्पतिवार को पिहोवा के गांव सारसा और सुरमी में आयोजित जल पंचायत को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अटल भूजल योजना जल मंत्रालय की योजना है। ये छह हजार करोड़ का प्रोजेक्ट है और इसमें तीन हजार करोड़ केंद्र सरकार की ओर से खर्च किया जा रहा है शेष तीन हजार करोड़ वर्ल्ड बैंक दे रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, कर्नाटक, एमपी और राजस्थान में कार्य किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पानीपत, करनाल, फतेहाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद सहित 14 जिलों अटल भूजल योजना में शामिल किया गया है। अटल भूजल योजना के तहत नौ कलस्टर बनाए गए हैं, जिनमें से तीन क्लस्टर कुरुक्षेत्र के हैं। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के तीन ब्लॉक के 189 गांवों को शामिल किया गया है।
इस अवसर पर वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ आए एनपीएमयू के निदेशक डॉ. उमेश एस बाल पांडे ने कहा कि अटल भूजल योजना में हम सबकी भागीदारी होना बेहद जरूरी है। योजना के स्टेट कोआर्डिनेटर एमके गोयल ने कहा कि बच्चों के भविष्य के बारे में हम सबको सोचना है और इनको पानी की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताना है। इस मौके पर सिंचाई विभाग के एससी एवं डीपीएमयू के नोडल अधिकारी अरविंद कौशिक ने बताया कि जिले में अटल भूजल योजना के तहत जल्द ही वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जाएगा।
इस मौके पर अटल भूजल योजना के अंतर्गत सराहनीय कार्य करने वाले 13 किसानों एवं अटल भूजल योजना पर आयोजित प्रतियोगिता के 14 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जल बचाओ पर ग्रामीण वासियों को शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर एनपीएमयू की उपनिदेशक नीटी नाग, वर्ल्ड बैंक ऑपरेशन एवं प्रोग्राम मैनेजमेंट विशेषज्ञ अनिल दास, एनटीएसए के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. केके गौड़, तकनीकी विशेषज्ञ विवेक, बीडीपीओ पिहोवा राजेश कुमार, बलराम शर्मा, सारसा के निर्वतमान सरपंच कर्मबीर, सुरमी के निर्वतमान सरपंच मंगत राम, राहुल, जतिन, भूजल विशेषज्ञ डॉ.नवीन नैन व मदन लाल सहित अन्य मौजूद रहे।