कुरुक्षेत्र। कैप्टन संदीप सांखला की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा व अ
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शुक्रवार को धरोहर संग्रहालय में कुवि के पूर्व छात्र एवं महान सपूत कैप्टन संदीप सांखला को उनके बलिदान दिवस पर याद करते हुए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य अधिकारियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि उनकी शहादत हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है। अशोक चक्र से सम्मानित कैप्टन संदीप सांखला देश और कुवि का गौरव है। उनके बलिदान दिवस पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उनको नमन करता है। कैप्टन संदीप सांखला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले थे तथा उनके पिता भी भारतीय सेना में थे। कैप्टन संदीप सांखला ने 1984 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईआईएचएस से स्नातक की डिग्री हासिल की तथा 14 जून 1986 को उनका सपना पूरा हुआ जब वे भारतीय सेना की 18 डोगरा रेजीमेंट में कमीशंड हुए।
कैप्टन संदीप जफरखान गांव में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश के लिए शहीद हो गए थे। उन्होंने आर्मी में पांच साल तक सेवा दी। मेजर संदीप ने उस दौरान नौ आतंकवादियों को मार गिराया था। उनकी इस शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। भारत के राष्ट्रपति की ओर से उन्हें मरणोपरांत 26 जनवरी 1992 को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीन साइंस प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. भगवान सिंह चौधरी, धरोहर के प्रोफेसर इंचार्ज व युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, कुटा प्रधान प्रो. दीपक राय बब्बर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।