कुरुक्षेत्र। कथा के दौरान भजनों पर झूमते श्रद्धालु। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। शिव पैलेस ग्राम मथाना में चार दिवसीय शिव कथा का आयोजन किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक गुरु आशुतोष की शिष्या साध्वी ब्रह्मनिष्ठा भारती ने कथा के अंतिम दिवस में शिव व पार्वती के विवाह के साथ इस कथा का समापन किया।
उन्होंने बताया कि मानव जीवन शिव व पार्वती के मिलन का एक दुर्लभ अवसर है। शिव भाव परमात्मा तथा पार्वती अर्थात् आत्मा। लेकिन आज का मानव अपने इस वास्तविक लक्ष्य से अनभिज्ञ है। मानव भी आज अपने ही भीतर बैठे परमात्मा को न जानने से दुखी व अशांत है। वह उसको तब तक तक नहीं जान सकता जब तक उसके जीवन में नारद रूपी गुरु का आगमन नहीं होता। क्योंकि यह सृष्टि का अटल नियम है कि जिसे भी परमात्मा रूपी रहस्य की पुष्टि हुई, उसके जीवन में पहले पूर्ण गुरु का आगमन हुआ है।