कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में शिक्षकों और गैर शिक्षकों का रेगुलर स्टाफ घटता जा रहा है। यूनिवर्सिटी का ज्यादातर कामकाज ठेके के स्टाफ पर टिका है।
रिटायरमेंट और दूसरे कारणों से रेगुलर स्टाफ कम होता जा रहा है, जबकि इनकी जगह रेगुलर भर्ती ठंडे बस्ते में है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन पर अतिरिक्त काम का बोझ डाला गया है।
केयू में कर्मचारी आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो कर्मचारी नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी ही ठेके पर निर्भर दिखाई देती है। यहां आउटसोर्सिंग के तहत 930 लोगों को काम दिया गया है।
इनमें क्लर्कों की संख्या 220 है, जबकि 1398 नॉन टीचिंग कर्मियों में केवल 169 लिपिक हैं। इसके साथ ही केयू में सात-आठ साल से कार्य कर रहे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लगभग 186 कर्मचारी पक्के होने की बाट जोह रहे हैं, जिनमें 38 क्लर्क शामिल हैं।
वहीं, शिक्षकों की संख्या पिछले तीन साल में 482 से घटकर अब 447 ही रह गई है। केयू प्रशासन करीब 300 शिक्षक अनुबंध पर लगाकर इसकी भरपाई का जुगाड़ कर पाया है। वहीं, विभिन्न विभागों में वर्कलोड कम करने के लिए 42 रिटायर्ड कर्मियों को भी नौकरी पर बुलाया गया।
केयू प्रशासन ने वर्ष 2011 में 98 क्लर्कों की भर्ती की थी। इनमें से 14 क्लर्क नौकरी छोड़कर किसी अन्य सर्विस में जा चुके हैं। इस वजह से अब यह पद भी रिक्त हैं।
उसके बाद अब तक केयू में गैर शिक्षक कर्मचारियों की कोई नियमित भर्ती नहीं हुई। लिहाजा, केयू केवल ठेके के कर्मियों से काम चला रहा है।
वर्ष 2011 से 2013 तक शिक्षकों की एकमात्र भर्ती के तहत 55 शिक्षकों को ही नियुक्त किया गया। इसके बाद केयू ने वर्ष 2013 में 207 बजटेड और 50 सेल्फ फाइनेंस के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, लेकिन उनके फार्म आज तक केवल धरे ही हैं। हजारों युवाओं के आवेदन ठंडे बस्ते में पडे़ हैं।
पिछले तीन साल में कितने हुए रिटायर, कितने होंगे
स्थापना शाखा के एआर राज रिखी के अनुसार जनवरी 2011 से फरवरी 2014 तक नॉनटीचिंग के 229 और टीचिंग के 35 कर्मचारी रिटायर हुए हैं। हर साल केयू से लगभग 80 कर्मचारी रिटायर होंगे।
रिटायर्ड कर्मियों को लगाने के पक्ष में नहीं : कुंटिया
कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह का कहना है कि यूनिवर्सिटी को नियमित पदों पर भर्ती करनी चाहिए। केयू द्वारा रिटायर कर्मचारियों को दोबारा बुलाकर काम कराना अनुचित है। कुंटिया ने हमेशा इसका विरोध किया है।
विधानसभा चुनाव से पहले पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया : रल्हाण
कुलसचिव डॉ. केसी रल्हण ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है। ऐसे कार्यों में समय तो लगता ही है। उनके अनुसार विधानसभा चुनाव से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।