कुरुक्षेत्र। तीन नए आपराधिक कानूनों में बदलाव के बाद लागू होने से भारत की न्याय प्रणाली पहले से अधिक सशक्त, प्रभावी और पारदर्शी बनी है। इन कानूनों के माध्यम से लोगों को शीघ्र और सुगम न्याय प्राप्त हो रहा है। प्रदेश सरकार ने इतने कम समय में न केवल इन कानूनों को लागू किया, बल्कि इनके लागू होने के बाद दोष सिद्धि दर को 82.6 प्रतिशत तक पहुंचाने में भी सफलता हासिल की।
ये विचार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केडीबी के मेला ग्राउंड में आयोजित केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र से तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ है। यही वह भूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश दिया था, जो आज भी संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनके माध्यम से ऐतिहासिक भूलों को सुधारा गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35 को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। इसके अतिरिक्त, नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से उन लाखों लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है, जो वर्षों से अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में जीवन यापन कर रहे थे। इसके साथ ही अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भी संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय से प्रचलित तीन पुराने आपराधिक कानूनों को हटाकर देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू करना भी एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय है, जिससे न्याय व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में अग्रणी राज्य है, बल्कि न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी पूरे देश का मार्गदर्शन करने वाला राज्य बन चुका है। इन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस को पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है। जांच अधिकारी अब इन कानूनों को समझते हुए उन्हें व्यवहार में लाने के लिए पूर्णत: सक्षम हैं।
ई-साक्ष्य और ई-समन एप लागू , 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में इन कानूनों के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया है। ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। गवाही देने की प्रक्रिया में भी तकनीक का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया गया है। पुलिस थानों, फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, न्यायालय कक्षों, कारागारों और बैंकों में कुल 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए गए हैं। एक जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 तक 96.71 प्रतिशत मामलों में अपराध स्थल की फोरेंसिक जांच की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई है। साथ ही, आपराधिक मामलों से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की जांच, विश्लेषण एवं रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए एफएसएल प्रयोगशालाओं को 19.54 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया गया है। इस दौरान गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की।
ऊर्जा मंत्री विज समेत कई मंत्री रहे मौजूद
ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, सेवा मंत्री कृष्ण बेदी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सांसद नवीन जिंदल और कार्तिकेय शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
कुरुक्षेत्र। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पहले हरियाणा की शान पग